गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने और उसके बाद हुए विस्फोट की घटना के सभी तकनीकी एवं सुरक्षा पहलुओं की गहनता से जांच को लेकर PNGRB के अधिकारियों ने जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक से की मुलाकात

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ०६ नवम्बर
पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) के अधिकारियों ने मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी कुमार गौरव और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कान्तेश कुमार मिश्रा से मिलकर इस गंभीर मामले में अब तक हुई प्रगति की विस्तृत जानकारी साझा की है। बोर्ड के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने और उसके बाद हुए विस्फोट की घटना के सभी तकनीकी एवं सुरक्षा पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। इस स्वतंत्र जांच के माध्यम से जिला प्रशासन, पुलिस और नियामक बोर्ड मिलकर हादसे के मुख्य कारणों (जैसे निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी) का पता लगा रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। स्थानीय स्तर पर दर्ज प्राथमिकी (FIR) और न्यायिक कार्यवाही के समानांतर, नियामक बोर्ड की यह तकनीकी जांच दोषियों की जवाबदेही तय करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। गौरतलब है की मुजफ्फरपुर के गोबरसही-डुमरी रोड पर 2 नवंबर 2026 को दोपहर करीब 12:10 बजे नाला निर्माण के दौरान जेसीबी से इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) की भूमिगत PNG गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से यह विस्फोट हुआ था। इस दर्दनाक हादसे में 1 व्यक्ति (श्रीनिवास सिंह) की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। इसके अलावा एक 4 मंजिला इमारत, कई वाहन और घर क्षतिग्रस्त हो गए थे। जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा इस मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है तथा एफएसएल (FSL) की टीम ने भी मुआयना किया है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) के न्यायालय में IOCL के अधिकारियों, पथ निर्माण विभाग (RCD) के अभियन्ताओं, निर्माण एजेंसी और जेसीबी चालक समेत 11 लोगों पर परिवाद दायर किया गया है। जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल ने भी गैस कंपनी, पथ निर्माण विभाग और ठेकेदार की भूमिका की जांच के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि यह दुर्घटना किस परिस्थिति में एवं लापरवाही के कारण घटित हुई, इसे ध्यान में रखते हुए इसके विभिन्न पहलुओं की जाँच आवश्यक है। इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस नियामक बोर्ड से जाँच के लिए अनुरोध किया गया था। जिलाधिकारी ने कहा कि बोर्ड द्वारा स्वतंत्र रूप से इस घटना की विस्तृत जाँच की जा रही है। बोर्ड के अधिकारियों द्वारा घटना स्थल पर जाकर जांच की गई है। आगे भी यह जारी रहेगी। जांचोपरांत इनके द्वारा जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके आलोक में अग्रतर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटना न हो, इसके लिए भी पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस नियामक बोर्ड द्वारा सुझाव दिया जाएगा। इसके आधार पर ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए एसओपी तैयार किया जाएगा जिसका दृढ़ता से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।





