ललित नारायण तिरहुत महाविद्यालय (L.N.T. College) में जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के महत्व पर विशेष व्याख्यान आयोजित

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ०३ नवम्बर
ललित नारायण तिरहुत महाविद्यालय (एलएनटी कॉलेज) में ‘पारिस्थितिकी संतुलन, जैव विविधता और मानव अस्तित्व की सुरक्षा का आधार’ विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पूर्व वैज्ञानिक एवं संयुक्त निदेशक डॉ. गोपाल शर्मा ने कहा कि नदियों, वनों और आर्द्रभूमियों का संरक्षण मानव जीवन एवं पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने गंगा नदी और गांगेय डॉल्फिन का उदाहरण देते हुए वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों की रक्षा पर जोर दिया। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. ममता रानी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में विद्यार्थियों से पर्यावरण एवं जैव विविधता संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने महाविद्यालय परिसर की स्थानीय जैव विविधता की सूची तैयार करने की घोषणा भी की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय जंतु विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. राकेश मोहन, प्रो. (डॉ.) श्रीनारायण प्रसाद सिंह, डॉ. ब्रज किशोर प्रसाद सिंह, प्रो. (डॉ.) मनेंद्र कुमार और डॉ. अर्चना गुप्ता ने स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण एवं वैज्ञानिक अनुसंधान पर जोर दिया। कार्यक्रम के आयोजक डॉ. विपिन कुमार ने कहा कि प्रत्येक जीव प्रकृति की महत्वपूर्ण रचना है और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में उसकी अपनी भूमिका है। पशु-पक्षियों से प्रेम और उनकी रक्षा करना प्रकृति के प्रति सम्मान व्यक्त करने के समान है। कार्यक्रम के अंतर्गत पीपीटी, पोस्टर मेकिंग, मॉडल मेकिंग, पेंटिंग एवं रंगोली प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। जिसमें पीपीटी में प्रथम श्वेता कुमारी, द्वितीय रितु रानी, तृतीय मुस्कान कुमारी, पोस्टर मेकिंग में प्रथम केशव, द्वितीय अंशु कुमारी, तृतीय साक्षी कुमारी, पेंटिंग में प्रथम लीजा फलक, द्वितीय रिफत जाहरा, तृतीय उपासना कुमारी, मॉडल मेकिंग में प्रथम अमृत कुमार, द्वितीय राजनंदिनी कुमारी, तृतीय आस्था राज तथा रंगोली में प्रथम आयुषी की टीम एवं द्वितीय आस्था सिंह की टीम को सम्मानित किया गया। विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम के अंत में प्रो. योगेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया.





