भारतीय आर्थिक संघ (Indian Economic Association – IEA) के केंद्रीय कार्यालय का उद्घाटन तथा 109वें वार्षिक सम्मेलन से पूर्व का सम्मेलन (प्री-कॉन्फ्रेंस) 04 नवम्बर को मुजफ्फरपुर में होगा

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ०२ नवम्बर
भारतीय आर्थिक संघ (Indian Economic Association – IEA) के केंद्रीय कार्यालय का उद्घाटन सह 109वें वार्षिक सम्मेलन से पूर्व का सम्मेलन (प्री-कॉन्फ्रेंस) 4 नवंबर 2026 (बुधवार) को मुजफ्फरपुर में आयोजित होने जा रहा है. भारतीय आर्थिक संघ (Indian Economic Association – IEA) के मुख्य संयोजक (Chief Convener) एवं पूर्व सचिव, डॉ. अनिल कुमार ठाकुर नें बताया की इंडियन इकोनॉमिक एसोसिएशन के केंद्रीय कार्यालय का उद्घाटन और 109वें वार्षिक सम्मेलन से पूर्व का सम्मेलन (प्री-कॉन्फ्रेंस) 04 नवम्बर को “त्रिभुवन”, कृष्णा पुरी कॉलोनी, लेन नंबर II, कन्हौली, नीतीशवर आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज के पास, मुजफ्फरपुर में होगा. जिसके उद्घाटनकर्ता प्रो. एस. महेंद्र देव, अध्यक्ष, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) सह पूर्व अध्यक्ष, इंडियन इकोनॉमिक एसोसिएशन होंगें. इस प्री-कॉन्फ्रेंस और केंद्रीय कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिसंबर 2026 में होने वाले इण्डियन इकोनॉमिक एसोसिएशन (IEA) के 109वें अंतर्राष्ट्रीय व वार्षिक सम्मेलन के एजेंडे को दिशा देना है। डॉ.ठाकुर नें बताया की इस वर्ष के वार्षिक सम्मेलन का केंद्रीय विषय (Main Theme) “विकसित भारत की ओर संरचनात्मक बदलाव: उभरते अवसर, निरंतर चुनौतियाँ और आगे की राह” (Structural Transformation towards Viksit Bharat) है। 04 नवंबर को होने वाली प्री-कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित 5 प्रमुख उप-विषयों (Sub-Themes) पर चर्चा और शोध-पत्रों (Papers) की रूपरेखा तैयार की जाएगी, जिसमें विकसित भारत – जीडीपी और पारंपरिक मानकों से परे (Viksit Bharat – Beyond GDP and Conventional Benchmarks), विकास लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आत्मनिर्भर और प्रौद्योगिकी-नेतृत्व वाला संरचनात्मक परिवर्तन (Self-reliant and Technology-led Structural Transformation), विकसित भारत के लिए वित्तीय क्षेत्र में सुधार और विकासात्मक वित्त (Financial Sector Reforms and Development Finance), आर्थिक कूटनीति और भारत की वैश्विक विकास रणनीति (Economic Diplomacy and India’s Global Development Strategy) तथा आर्थिक विकास पर राज्य-स्तरीय परिप्रेक्ष्य और विकसित भारत में योगदान (State-Level Perspectives on Economic Development) शामिल है. मुख्य संयोजक डॉ.ठाकुर नें बताया की इस प्री-कॉन्फ्रेंस का मूल ध्येय देश के जाने-माने अर्थशास्त्रियों और शोधकर्ताओं को एक साथ लाना है ताकि वे इन विषयों पर नीति-निर्माताओं को ठोस सुझाव दे सकें। कार्यक्रम में प्रो.प्रवीण झा, सेंटर फॉर इकोनॉमिक्स स्टडीज एंड प्लानिंग, जेएनयू, नई दिल्ली, डॉ. तम्मा कोटी रेड्डी पूर्व कुलपति, आईसीएफएआई (ICFAI) स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज, आईएफएचई (IFHE) हैदराबाद, प्रो.अश्विनी महाजन, राष्ट्रीय सह-संयोजक, स्वदेशी जागरण मंच; पूर्व प्रोफेसर, पीजीडीएवी (PGDAV) कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय, प्रो.सुधांशु भूषण, संपादक, इंडियन इकोनॉमिक जर्नल डीन (अकादमिक और अनुसंधान) तथा प्रमुख, उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा विभाग, प्रो. रवींद्र के. ब्रह्मे, महासचिव, आईईए (IEA) अर्थशास्त्र के प्रोफेसर सह निदेशक, सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम्स, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर छत्तीसगढ़, प्रो. बी. सुरेश लाल, डीन, सामाजिक विज्ञान और कला संकाय; विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग, काकतीय विश्वविद्यालय वारंगल, तेलंगाना, प्रो. मो. इश्तियाकउद्दीन, एसोसिएट प्रोफेसर, यूरोपियन यूनिवर्सिटी ऑफ बांग्लादेश (EUB) ढाका, बांग्लादेश, डॉ. एस. नारायणन संयुक्त सचिव एवं मुख्य समन्वयक, IEA; सहायक प्रोफेसर अर्थशास्त्र विभाग (स्नातकोत्तर एवं अनुसंधान), द्वारका डॉस गोवर्धन डॉस वैष्णव कॉलेज, तथा प्रो. बी.पी. चंद्रमोहन निदेशक, स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स वेल्स यूनिवर्सिटी (VISTAS) मुख्य रूप से शामिल होगें.




