अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिलाधिकारी (DM) और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने संयुक्त रूप से सभी प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २५ सितम्बर
जिलाधिकारी कुमार गौरव और वरीय पुलिस अधीक्षक कान्तेश कुमार मिश्रा ने आगामी त्योहारों और सुरक्षा को लेकर विधि-व्यवस्था की एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक के साथ उप-विकास आयुक्त, अपर जिला दंडाधिकारी, अपर समाहर्ता एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारीगण, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं थानाध्यक्ष उपस्थित थे। बैठक में अधिकारियों को सभी क्षेत्रों में पुलिस गश्ती (Patrolling) की संख्या तुरंत बढ़ाने, असामाजिक तत्वों और आदतन अपराधियों के विरुद्ध त्वरित, कठोर और सख्त कानूनी कार्रवाई करने, अपराध पर प्रभावी नियंत्रण पाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली अफवाहों पर रोक लगाने के लिए स्थानीय आसूचना तंत्र को पूरी तरह सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम और एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि जिले में विधि-व्यवस्था संधारण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिलाधिकारी (DM) और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने संयुक्त रूप से सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों, प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों एवं थानाध्यक्षों सहितसभी प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी कर साफ कर दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था और शांति बनाए रखने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले में कानून का राज स्थापित रखने के लिए सभी अधिकारियों को हर समय सतर्क रहने को कहा गया है। अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों पर पहले से नजर रखने के लिए खुफिया तंत्र को और मजबूत व सक्रिय किया जाएगा। संवेदनशील इलाकों में गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाने और कानून तोड़ने वालों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जो अपराधी लगातार वारदातों में शामिल रहते हैं, उनके खिलाफ सीसीए (CCA) और अन्य कड़े कानूनों के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे। सभी सरकारी विभागों, पुलिस प्रशासन और अन्य संबंधित पक्षों (Stakeholders) को एक टीम की तरह मिलकर काम करना होगा ताकि किसी भी योजना या समस्या का समाधान बिना किसी देरी के हो सके। जिलाधिकारी (DM) और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने कहा की विभागों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान स्पष्ट, पारदर्शी और तेज होना चाहिए। आपसी संवाद की कमी के कारण किसी भी कार्य में रुकावट नहीं आनी चाहिए। विभिन्न विभागों के अधिकारियों को यह साफ निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने स्तर पर इस तालमेल को सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।





