वैशाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: साइबर ठगों के चंगुल से पीड़ित के ₹4.61 लाख कराए वापस, कांड संख्या 43/25 दर्ज

ध्रुव कुमार सिंह, हाजीपुर (वैशाली), बिहार, २३ सितम्बर
वैशाली जिला साइबर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन ठगी के शिकार एक नागरिक को उसकी डूबी हुई रकम वापस दिलाकर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और त्वरित बैंक समन्वय के जरिए पीड़ित के खाते में ₹4,61,462 (चार लाख इकसठ हजार चार सौ बासठ रुपये) वापस क्रेडिट करा दिए हैं। पुलिस उपाधीक्षक(DSP)-सह-साइबर थाना अध्यक्ष तथा DSP (स्पेशल क्राइम) चाँदनी सुमन नें बताया की आवेदक विवेक राज (ग्राम: मनोरा, थाना+जिला: वैशाली) के भांजे जयंत देव जैन साइबर ठगी का शिकार हो गए थे। शातिर साइबर ठग अविनाश जीना ने एक सोची-समझी साजिश के तहत ‘चंदन डिजिटल सेवा केंद्र एवं कम्युनिकेशन’ के माध्यम से इस ठगी को अंजाम दिया। इस सेवा केंद्र के प्रोप्राइटर विशाल कुमार (पिता: मुन्ना चौधरी) के जरिए अवैध तरीके से पैसों का ट्रांसफर कराया गया था। घटना की शिकायत मिलते ही साइबर थाना वैशाली ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कांड संख्या- 43/25 दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। साइबर पुलिस की विशेष टीम ने बिना वक्त गंवाए अत्याधुनिक तकनीकी माध्यमों का उपयोग किया और संबंधित बैंकों से तुरंत संपर्क साधकर ठगी गई राशि के ट्रांजैक्शन को होल्ड कराया। लगातार किए गए प्रयासों के फलस्वरूप पुलिस ने ठगी गई कुल राशि में से ₹4,61,462 आवेदक विवेक राज के बैंक खाते में सुरक्षित वापस करा दिए। पुलिस उपाधीक्षक (DSP)-सह-साइबर थाना अध्यक्ष ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत गोल्डन ऑवर (शुरुआती 1-2 घंटे) के भीतर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं। समय पर दी गई सूचना से ठगी गई राशि को रिकवर करने की संभावना काफी बढ़ जाती है।




