जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने अनुमंडलीय अस्पताल बेलसंड का किया निरीक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने का दिया निर्देश

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार, २३ सितम्बर
जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने अनुमंडलीय अस्पताल बेलसंड का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने का निर्देश दिया. अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, व्यवस्थाओं और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति की जाँच की गई। स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह सुदृढ़ करने और मरीजों को समय पर उचित इलाज उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी बेलसंड, जिला जन संपर्क पदाधिकारी कमल सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों एवं शाखाओं का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने एक्स-रे कक्ष, इमरजेंसी सेवा, ओपीडी, दवा वितरण कक्ष, सहित अन्य महत्वपूर्ण शाखाओं का निरीक्षण किया तथा संबंधित कर्मियों से उपलब्ध सुविधाओं एवं सेवाओं के संचालन की जानकारी ली। उन्होंने यह भी देखा कि मरीजों को आवश्यक जांच एवं उपचार की सुविधा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर मिल रही है अथवा नहीं। जिलाधिकारी ने अस्पताल में इलाजरत मरीजों एवं उनके परिजनों से भी बातचीत कर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना तथा अस्पताल में मिल रही चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। मरीजों से बातचीत के दौरान उन्होंने उपचार, दवा, जांच एवं अन्य सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में फीडबैक लिया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अस्पताल की सभी व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़, सुव्यवस्थित एवं मरीज-केंद्रित बनाया जाए, ताकि स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर आवश्यक जांच, उपचार एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने इमरजेंसी सेवा को प्रभावी एवं तत्पर बनाए रखने, आवश्यक दवाओं एवं जांच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा अस्पताल परिसर में साफ-सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया साथ ही, मरीजों एवं उनके परिजनों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए अस्पताल की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित करने तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार लाने का निर्देश दिया, ताकि आमजन को स्थानीय स्तर पर ही समय पर बेहतर एवं भरोसेमंद चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके।





