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जिलाधिकारी द्वारा मेजरगंज प्रखंड के बहेरा पंचायत में औचक निरीक्षण कर विश्वंभरपुर नन्हकार स्थित विद्यालयों और वार्ड-10 के आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार ०१ जुलाई

जिलाधिकारी रिची पांडे द्वारा मेजरगंज प्रखंड अंतर्गत बहेरा पंचायत के विश्वंभरपुर नन्हकार स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय एवं मध्य विद्यालय एवं वार्ड संख्या-10 स्थित आंगनवाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया गया निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने विद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, पठन-पाठन की व्यवस्था तथा उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कक्षा 12 के विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं तथा विद्यालय में दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई विशेष प्रतिभा एवं क्षमता निहित होती है। विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों का दायित्व है कि वे विद्यार्थियों की रुचि एवं नैसर्गिक प्रतिभा की पहचान कर उन्हें उसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित एवं मार्गदर्शन प्रदान करें। उन्होंने विद्यार्थियों के नियमित काउंसलिंग सत्र आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि वे अपने करियर, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं उच्च शिक्षा के संबंध में उचित निर्णय ले सकें। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करते हुए कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जाए तथा उनकी सीखने की क्षमता में सुधार हेतु अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालय में नियमित रूप से करियर गाइडेंस एवं मोटिवेशनल सत्र आयोजित किए जाएं, जिससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास एवं लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता विकसित हो सके। जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया कि विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों के साथ नियमित संवाद स्थापित किया जाए। साथ ही विद्यालय परिसर की स्वच्छता, पेयजल, शौचालय एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ एवं क्रियाशील बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल परीक्षा परिणाम का केंद्र नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य निर्माण का आधार है। इसलिए शिक्षकों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करना चाहिए। जिलाधिकारी श्री पांडे द्वारा बहेरा पंचायत के वार्ड संख्या-10 स्थित आंगनवाड़ी केंद्र के औचक निरीक्षण के क्रम में केंद्र पर उपलब्ध बच्चों एवं लाभार्थियों से संबंधित अभिलेखों, पोषण सेवाओं, पूरक पोषाहार वितरण, बच्चों की उपस्थिति तथा पोषण ट्रैकर ऐप पर की जा रही प्रविष्टियों की समीक्षा की। जांच के दौरान यह पाया गया कि पोषण ट्रैकर पर बच्चों की विवरणी से संबंधित आंकड़ों की गलत प्रविष्टि की गई थी। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित सीडीपीओ को कड़ी फटकार लगाते हुए पोषण ट्रैकर पर सभी लाभार्थियों एवं बच्चों की विवरणी का सत्यापन कर सही एवं अद्यतन प्रविष्टि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर संचालित सभी सेवाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराई जाएं तथा किसी भी प्रकार की त्रुटि अथवा लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पोषण ट्रैकर पर दर्ज आंकड़े सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं नीति निर्माण का महत्वपूर्ण आधार होते हैं, इसलिए डेटा की शुद्धता एवं अद्यतनता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र पर बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों की पहचान कर उनका विशेष अनुश्रवण किया जाए। साथ ही गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को समय पर पोषण परामर्श एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि पूरक पोषाहार का वितरण पारदर्शी एवं नियमित रूप से किया जाए तथा केंद्र पर उपलब्ध वजन मशीन, ऊंचाई माप उपकरण एवं अन्य संसाधनों का उपयोग करते हुए बच्चों की नियमित वृद्धि निगरानी की जाए। उन्होंने केंद्र परिसर की स्वच्छता, पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था को संतोषजनक बनाए रखने तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा गतिविधियों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया साथ ही बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा उपलब्ध कराने एवं अभिभावकों को बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने पर बल दिया। निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी रिची पांडे ने आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित गोद भराई कार्यक्रम में भी सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच एवं संस्थागत प्रसव के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया तथा स्वस्थ मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए संचालित सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया।

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