महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय (एमडीडीएम) के दर्शन शास्त्र विभाग के तत्वाधान में योग परिचर्चा और पोस्टर प्रस्तुति कार्यक्रम आयोजित

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, (बिहार) २७ जून
महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय के दर्शन शास्त्र विभाग के तत्वाधान में योग परिचर्चा और पोस्टर प्रस्तुति कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम बेहद सराहनीय और ज्ञानवर्धक रहा। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में मनाए गए योग सप्ताह के समापन अवसर पर इस विशेष योग परिचर्चा और पोस्टर प्रस्तुति कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इसमें कॉलेज के प्राध्यापकों और छात्राओं ने योग के दार्शनिक, शारीरिक और मानसिक पहलुओं पर अपने सारगर्भित विचार साझा किए। छात्राओं ने आकर्षक पोस्टरों के माध्यम से अष्टांग योग, प्राणायाम के लाभ और दैनिक जीवन में इसकी उपयोगिता को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या प्रो.अलका जायसवाल ने किया और प्रतिभागियों का उत्साह वर्धन करते हुए उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किया। मुख्य वक्ता के रूप में प्रो.निशिकांति ने बताया कि योग आज के परिवेश में कितना महत्वपूर्ण है और इसे अपने जीवन में क्यों शामिल करना चाहिए। कार्यक्रम आयोजक एवं विभागाध्यक्ष डॉ.नेहा रानी ने कहा कि योग सिर्फ फिटनेस टूल नहीं है बल्कि जीवन दर्शन है। डॉ.नवीन कुमार ने पावर प्लांट प्रेजेंटेशन के माध्यम से योग पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा की छात्राओं के बीच मानसिक शांति और शारीरिक तंदुरुस्ती के लिए योग के महत्व का प्रसार करना अत्यंत आवश्यक है. दर्शन शास्त्र विभाग के तत्वाधान में होने के कारण योग को मात्र एक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक कला और दर्शन के रूप में प्रस्तुत किया गया। इस प्रकार के अकादमिक और व्यावहारिक आयोजन छात्राओं के समग्र विकास और उन्हें तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं। मंच संचालन और धन्यवाद ज्ञापन डॉ.सुरबाला वर्मा के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षकों, छात्राओं और कर्मियों की उपस्थिति रही। निर्णायक मंडली में डॉ.राकेश रंजन, डॉ.रामदुलार एवं डॉ.प्रियम फ्रांसिस शामिल थे। चयनित प्रतिभागियों में प्रथम स्थान पर इलशा आलिया, द्वितीय स्थान पर संयुक्त रूप से ममता कुमारी और गीताजंली कुमारी और तृतीय स्थान पर रूपांजलि कुमारी रही।





