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जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए और विकसितभारत बनाने हेतु कृषि और सौर ऊर्जा की ओर सतत बदलाव की आवश्यकता- प्रो.दिनेश चंद्र राय, कुलपति

लक्ष्मी नारायण कॉलेज, भगवानपुर, वैशाली में “ग्रामीण क्षेत्र में सतत विकास” पर केंद्रित तीन दिवसीय संगोष्ठी आयोजित

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १२ मार्च

लक्ष्मी नारायण कॉलेज, भगवानपुर, वैशाली में आयोजित “ग्रामीण क्षेत्र में सतत विकास” पर केंद्रित अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.दिनेश चंद्र राय ने इस बात पर जोर दिया कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए और विकसित भारत बनाने हेतु कृषि और सौर ऊर्जा की ओर सतत बदलाव की आवश्यकता है। संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो.राय ने शैक्षणिक समुदाय से स्थानीय चुनौतियों को हल करने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने की अपील की। इससे पूर्व संगोष्ठी का उद्घाटन बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.दिनेश चंद्र राय, मानविकी संकाय की डीन प्रो.कनु प्रिया, प्रो, विनोद मंडल, प्राचार्य, आर.एन कॉलेज, प्रो.सुनीता कुमारी शर्मा, एलएन कॉलेज की  प्राचार्या ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कार्यक्रम की शुभारंभ में महाविद्यालय के संस्थापक व अंबिका प्रसाद सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर बिहारविश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा माल्यार्पण किया गया. जिसके बाद विश्वविद्यालय कुलगीत के गायन से संगोष्ठी का शुभारंभ किया गया.  तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के संरक्षक और विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.राय ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के पास अपार संभावनाएं हैं, किंतु जब तक हम अपने देश के गांव, गंगा और गाय का संरक्षण और संवर्धन नहीं करेंगे, तब तक विकसित भारत का स्वप्न पूरा नहीं हो सकता. आज ऑरगेनिक फार्मिंग एक फैशन के तौर पर विस्तार ले रहा है, किंतु वास्तविकता में इससे सभी भारतवासियों को भरपेट भोजन नहीं खिला सकते हैं. आज हम सभी को नई परिस्थिति के अनुसार कृषि के तरीकों में बदलाव करने की जरूरत है. भारत में अब जोतों का आकार छोटा रह गया है, ऐसे में कृषि वैज्ञानिकों को खेती करने के छोटे मशीनों को विकसित करने की ओर ध्यान देना चाहिए, जिसे साधारण किसान भी इसे खरीदने में सक्षम हो सकें. इस कार्यक्रम में पर्यावरण, ग्रामीण विकास, तकनीकी नवाचार और सतत भविष्य के लिए आवश्यक शोध पत्रों पर चर्चा की गई, जिसमें बिहार के मुजफ्फरपुर और वैशाली क्षेत्र के शिक्षाविदों ने भाग लिया। अपने स्वागत वक्तव्य में एलएन कॉलेज के प्राचार्य प्रो.सुनीता कुमारी शर्मा ने कहा कि भगवान महावीर की जन्मभूमि के प्रांगण में अवस्थित हमारा महाविद्यालय समाज के अंतिम पायदान पर खड़े विद्यार्थियों को ज्ञान के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में भागीदारी करने के लिए कृतसंकल्प है.

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