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सीमावर्ती जिले में चिन्हित वाइब्रेट विलेज में सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं को इंप्लीमेंट करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए- रिची पांडेय, जिलाधिकारी

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार, २९ अप्रैल

भारत-नेपाल सीमा से संबंधित विभिन्न विषयों पर फरवरी माह में भारत सरकार के द्वारा समीक्षात्मक बैठक की गई थी। उस बैठक में दिए गए दिशा निर्देश के आलोक में आज जिलाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में विमर्श सभा कक्ष में बैठक की गई जिसमें विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश उपस्थित पदाधिकारियों को दिए गए। बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित रंजन, डीडीसी,एडीएम, सभी एसडीपीओ, सभी एसडीओ के साथ सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक में भारत नेपाल सीमा पर घोषित नो मैंस लैंड में सभी प्रकार की अतिक्रमण तथा अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के अंदर सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण हटाने, जाली भारतीय मुद्रा एवं साइबर फ्रॉड तथा अवैध दूरसंचार से संबंधित मामले इत्यादि बिंदुओं पर महत्वपूर्ण निर्देश उपस्थित पदाधिकारी को दिए गए । म्यूल अकाउंट (Mule Accounts) के खतरे और फर्जी कंपनियों के फलने-फूलने के मामलों की जांच कर उसका त्वरित समाधान करने का निर्देश दिया गया। बैठक में  डीएम और एसपी के द्वारा मादक पदार्थों के तस्करी एवं शामिल तत्वों को चिन्हित करते हुए उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने तथा एनडीपीएस एक्ट को सख्ती से लागू करनें एवं व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सीमावर्ती जिले में चिन्हित वाइब्रेट विलेज में सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं को इंप्लीमेंट करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए। बैठक में सीमावर्ती प्रखंडों में सुरक्षा व्यवस्था, तस्करी की रोकथाम, मानव तस्करी, पशु तस्करी तथा अन्य अवैध गतिविधियों की स्थिति का विस्तृत आकलन किया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सीमा क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील है, इसलिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ सतर्कता बरतें। उन्होंने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को नियमित गश्ती बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने तथा आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मानव तस्करी की रोकथाम के लिए विशेष निगरानी तंत्र विकसित करने, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं अन्य संभावित स्थानों पर सघन जांच अभियान चलाने तथा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया गया। वहीं पशु तस्करी एवं अन्य अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए सीमावर्ती चेक पोस्टों को सक्रिय रखने और अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय समन्वय को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

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