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प्रमंडलीय आयुक्त ने तिरहुत प्रमंडल के सभी 6 जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) के विरुद्ध प्रपत्र ‘क’ गठित कर कठोर अनुशासनिक कार्रवाई करने का दिया सख्त आदेश

यह कार्रवाई निजी स्कूलों द्वारा वसूली जा रही मनमानी फीस पर प्रभावी नियंत्रण और इसकी जांच रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत न करने के कारण की गई

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २८ अप्रैल

प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने तिरहुत प्रमंडल के सभी 6 जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) के विरुद्ध प्रपत्र ‘क’ गठित कर कठोर अनुशासनिक कार्रवाई करने का सख्त आदेश दिया है। यह कार्रवाई निजी स्कूलों द्वारा वसूली जा रही मनमानी फीस पर प्रभावी नियंत्रण और इसकी जांच रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत न करने के कारण की गई है। आयुक्त ने सभी DEO को निजी विद्यालयों के प्रवेश शुल्क, मासिक शुल्क, और वार्षिक शुल्क की जांच कर प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया था, जिसका पालन न करना गंभीर लापरवाही और आदेश की अवहेलना माना गया है। आयुक्त ने क्षेत्रीय शिक्षा उप-निदेशक (RDDE), तिरहुत प्रमंडल को स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी दोषी पदाधिकारियों के विरुद्ध विभागीय नियमावली के तहत कठोर अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की जाए। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाना और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय करना है। इस आदेश का प्रभाव तिरहुत प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले सभी 6 जिलों मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर के शिक्षा पदाधिकारियों पर पड़ेगा। आयुक्त द्वारा यह कदम निजी विद्यालयों में बढ़ती फीस की मनमानी पर नियंत्रण एवं बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2019 के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2019 के तहत निजी विद्यालयों में शुल्क संग्रहण का विनियमन सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके अंतर्गत विद्यालयों द्वारा निर्धारित शुल्क की पारदर्शिता, वैधता एवं नियमानुकूलता की जांच अनिवार्य है, ताकि अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े और शिक्षा व्यवस्था में संतुलन बना रहे। उप-निदेशक सुचना एवं जनसम्पर्क प्रमोद कुमार नें बताया कि आयुक्त ने पूर्व में प्रमंडल अंतर्गत सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देशित किया था कि वे अपने-अपने जिलों में संचालित निजी विद्यालयों द्वारा वसूले जा रहे विभिन्न प्रकार के शुल्कों की विधिवत जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। इसमें प्रवेश शुल्क, पुनर्नामांकन शुल्क, विकास शुल्क, मासिक अध्ययन शुल्क, वार्षिक शुल्क के साथ-साथ पाठ्यपुस्तक, पोशाक एवं आवागमन आदि मदों में वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के दौरान ली जा रही राशि की समीक्षा शामिल थी। इस संबंध में तीन दिनों के भीतर विस्तृत जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का स्पष्ट निर्देश भी दिया गया था। किंतु आयुक्त द्वारा प्रदत्त निदेश के बावजूद किसी भी जिला शिक्षा पदाधिकारी के स्तर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। इस स्थिति को अत्यंत गंभीर मानते हुए प्रमंडलीय आयुक्त ने इसे वरीय पदाधिकारी के आदेश की अवहेलना तथा कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही एवं उदासीनता का द्योतक बताया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे खेदजनक करार दिया है। इसी परिप्रेक्ष्य में आयुक्त ने तिरहुत प्रमंडल के सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों के विरुद्ध “प्रपत्र ‘क’” गठित करते हुए अनुशासनिक कार्रवाई प्रारंभ करने का निर्देश क्षेत्रीय शिक्षा उप-निदेशक, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को दिया है, साथ ही, यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो और सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं जवाबदेही के साथ करें।

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