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मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से मुजफ्फरपुर जिले के 1,35,000 महिला लाभुकों के खाते में कुल 135 करोड़ रुपये की राशि का किया गया डीबीटी के माध्यम से अंतरण

लाभार्थी नहीं, अब सफल उद्यमी बन रही हैं दीदियां- सुब्रत कुमार सेन, डीएम

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १६ फ़रवरी

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वावलंबन की दिशा में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना एक प्रभावी पहल के रूप में उभरकर सामने आई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में पटना में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यभर की 25 लाख महिला लाभुकों के खाते में प्रति लाभुक 10 हजार रुपये की दर से कुल 2500 करोड़ रुपये की राशि का डीबीटी के माध्यम से अंतरण किया गया। यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम  है। पटना में आयोजित मुख्य समारोह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुजफ्फरपुर समाहरणालय में जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन, उप-विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम, जिला परियोजना प्रबंधक जीविका अनीशा सहित बड़ी संख्या में जीविका दीदियां जुड़ी रहीं। सभी ने इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनते हुए मुख्यमंत्री की पहल की सराहना की। जिलाधिकारी श्री सेन ने इस अवसर पर सभी जीविका दीदियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल एवं मंगलमय भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के माध्यम से महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक जीवन में व्यापक परिवर्तन आया है। पहले जो महिलाएं केवल लाभार्थी के रूप में देखी जाती थीं, आज वे सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं। वे न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराकर सामूहिक सशक्तिकरण की मिसाल कायम कर रही हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ सामाजिक बदलाव का भी प्रतीक है। गांव से लेकर शहर तक महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर नई कहानी गढ़ रही हैं और बिहार की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रशासन द्वारा जीविका दीदियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है और उनके स्वरोजगार कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इस अवसर पर मुजफ्फरपुर जिले के सकरा प्रखंड के महदीपुर निवासी जीविका दीदी चंदू भारती ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री के समक्ष अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने योजना को महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने वाली क्रांतिकारी पहल बताते हुए सभी जीविका दीदियों की ओर से मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है और वे अब अपने पैरों पर खड़ी होकर परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रही हैं। कार्यक्रम के दौरान आज मुजफ्फरपुर जिले के 1,35,000 लाभुकों के खाते में कुल 1,35,00,00,000 (135 करोड़) रुपये की राशि का अंतरण किया गया। जिले में इस योजना के तहत अब तक कुल 9,04,637 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा चुका है। चरणबद्ध तरीके से इन सभी लाभार्थियों के खाते में कुल 9,04,67,30,000 रुपये की राशि स्थानांतरित की गई है, जो जिले में महिलाओं के आर्थिक उत्थान का एक सशक्त उदाहरण है। योजना के अंतर्गत विभिन्न तिथियों को भी बड़ी संख्या में महिलाओं के खाते में राशि का अंतरण किया गया। 26 सितंबर 2025 को 3,41,211 लाभार्थियों के खाते में 341,21,10,000 रुपये की राशि हस्तांतरित की गई। 3 अक्टूबर 2025 को 97,448 लाभार्थियों को 97,44,80,000 रुपये प्रदान किए गए। 24 अक्टूबर 2025 को 1,60,585 महिलाओं के खाते में 1,60,58,50,000 रुपये की राशि अंतरण की गई। 31 अक्टूबर 2025 को 7,548 लाभार्थियों को 7,54,80,000 रुपये मिले। 28 नवंबर 2025 को 50,547 लाभार्थियों के खाते में 50,54,70,000 रुपये तथा 11 दिसंबर 2025 को 17,670 लाभार्थियों को 17,67,00,000 रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई। इन सभी चरणों में डीबीटी के माध्यम से पारदर्शी तरीके से राशि का अंतरण सुनिश्चित किया गया। मुजफ्फरपुर जिले में जीविका दीदियों की सफलता की कई प्रेरक कहानियां सामने हैं। महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, डेयरी, नर्सरी, कृषि आधारित गतिविधियों तथा अन्य लघु उद्यमों से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। कई दीदियां समूह के माध्यम से सामूहिक उत्पादन और विपणन कर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं। इसके अतिरिक्त कई सरकारी संस्थानों में ‘दीदी की रसोई’ के संचालन, भवनों एवं कपड़ों की साफ-सफाई, तथा अन्य बहुधंधी कार्यों में भी जीविका दीदियां सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इन पहलों के परिणामस्वरूप महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि समाज में उनकी प्रतिष्ठा और निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ी है। परिवार और समाज में उनकी भूमिका सशक्त हुई है। आर्थिक स्वतंत्रता ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है और वे शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना ने मुजफ्फरपुर जिले में महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिखी है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के माध्यम से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए सरकार ने महिलाओं तक सीधा आर्थिक सहयोग पहुंचाया है। यह पहल न केवल आर्थिक सहायता का माध्यम है, बल्कि आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन की दिशा में एक ठोस कदम भी है। जिला जनसम्पर्क अधिकारी प्रमोद कुमार नें बताया की आज मुजफ्फरपुर की जीविका दीदियां यह साबित कर रही हैं कि यदि अवसर और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। मुख्यमंत्री की इस पहल ने उन्हें एक नई पहचान दी है और वे अपने श्रम, लगन और आत्मविश्वास से विकास की नई गाथा लिख रही हैं।

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