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सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से कराएं अनुपालन, नियमित रूप से चलाएं विशेष जांच अभियान- अपर समाहर्ता

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार, १८ सितम्बर

अपर समाहर्ता (राजस्व) संजीव कुमार की अध्यक्षता में सीतामढ़ी समाहरणालय स्थित विमर्श सभा कक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी निशांत कुमार सहित पुलिस प्रशासन, यातायात पुलिस, मद्यनिषेध, परिवहन, एनएचएआई, खनन एवं अन्य संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक में सड़क सुरक्षा से संबंधित एजेंडावार सभी बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं सड़क सुरक्षा नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए।राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध पार्किंग, अतिक्रमण तथा सड़क किनारे अनधिकृत रूप से खड़े भारी वाहनों के विरुद्ध नियमित अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। इसके लिए सप्ताह में कम-से-कम दो दिन विशेष ड्राइव चलाने को कहा गया। अपर समाहर्ता ने ड्रंकन ड्राइविंग के विरुद्ध सख्ती बरतने का निर्देश देते हुए पुलिस, मद्यनिषेध एवं परिवहन विभाग को मुख्य मार्गों एवं संवेदनशील स्थलों पर नियमित जांच अभियान चलाने को कहा। जांच के दौरान ब्रेथ एनालाइजर का उपयोग करते हुए नशे में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने जिले के महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थलों पर आवश्यकतानुसार चेक पोस्ट की संख्या बढ़ाने तथा वहां पुलिस, मद्यनिषेध, परिवहन एवं खनन विभाग की टीमों द्वारा समन्वित जांच अभियान संचालित करने का निर्देश दिया। बैठक में सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। अपर समाहर्ता ने कहा कि एंबुलेंस एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि दुर्घटना पीड़ितों को “गोल्डन ऑवर” के भीतर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सके। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में एंबुलेंस रिस्पॉन्स एवं नजदीकी स्वास्थ्य संस्थानों के साथ समन्वय को और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया गया। बैठक में गुड सेमेरिटन  से संबंधित प्रावधानों एवं इसके प्रति आम लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने तथा गुड सेमेरिटन से संबंधित प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया, ताकि दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए अधिक से अधिक लोग आगे आएं। वहीं हिट एंड रन से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए उनके त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया गया। संबंधित पदाधिकारियों को लंबित मामलों पर विशेष ध्यान देते हुए आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया एवं निर्धारित कार्रवाई समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने को कहा गया, ताकि पात्र पीड़ितों/आश्रितों को नियमानुसार मिलने वाली सहायता में अनावश्यक विलंब न हो। सड़क सुरक्षा से संबंधित समस्याओं के त्वरित निष्पादन के लिए पुलिस, परिवहन विभाग, एनएचएआई एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। अपर समाहर्ता ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रवर्तन का विषय नहीं है, बल्कि इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता भी आवश्यक है। स्कूलों, कॉलेजों एवं सार्वजनिक स्थलों पर सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। विशेष रूप से युवाओं को हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग, निर्धारित गति सीमा के पालन, नशे में वाहन नहीं चलाने तथा यातायात संकेतों के अनुपालन के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने तथा नियमित प्रवर्तन एवं जागरूकता गतिविधियां संचालित करने का निर्देश दिया।

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