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कच्ची-पक्की ओपी (सदर थाना) क्षेत्र में विवाहिता की दहेज हत्या के मामले में पुलिस ने मृतका के ससुर और जेठ को किया गिरफ्तार

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ०५ जुलाई

मुजफ्फरपुर के कच्ची-पक्की ओ॰पी॰ (सदर थाना) क्षेत्र में मोटरसाइकिल की मांग को लेकर विवाहिता की हत्या करने और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव जलाने के मामले में ससुर लखीन्द्र राय और जेठ रमेश राय को गिरफ्तार कर लिया गया है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), नगर-02, विनीता सिन्हा ने प्रेस वार्ता के माध्यम से इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा करते हुए बताया की त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मृतका के ससुर और जेठ/भैसुर को दबोच लिया है जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है। कच्ची-पक्की ओपी अंतर्गत रतवारा गांव निवासी जूली देवी की 30 जून 2026 को हत्या कर ससुराल वालों ने साक्ष्य छिपाने के लिए गुपचुप तरीके से उनका शव जला दिया था। वर्ष 2018 में उमेश राय के साथ शादी के समय ₹3 लाख नकद और गहने दिए जाने के बावजूद, ससुराल पक्ष द्वारा लगातार मोटरसाइकिल (बाइक) की मांग को लेकर मृतका को प्रताड़ित किया जा रहा था। घटना से तीन दिन पहले ही पीड़ित विवाहिता ने अपनी मां को फोन कर जान का खतरा होने की बात जताई थी। मृतका की मां रंजू देवी (जो दिल्ली में रहती हैं) के आवेदन पर कुल 6 नामजद आरोपियों  पति उमेश राय, सास ललिता देवी, ससुर लखीन्द्र राय, जेठ गणेश राय, रमेश राय और दिनेश राय के खिलाफ दहेज हत्या, प्रताड़ना और साक्ष्य मिटाने (शव गायब करने) की धाराओं में एफआईआर (कांड सं0-629/26) दर्ज की गई थी। ससुर और जेठ की गिरफ्तारी के बाद, पति उमेश राय सहित अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। आरोपियों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, हत्या करने और साक्ष्य छुपाने की नीयत से परिवार की अनुपस्थिति में ही शव का अंतिम संस्कार कर देने का गंभीर आरोप है. अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), नगर-02 नें बताया की कांड की संवेदनशीलता व गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन व पुलिस अधीक्षक, नगर के अनुश्रवण एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नगर-02 के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। विशेष जांच टीम गठित ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं. पुलिस ने छापेमारी के दौरान अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस की टीमें फरार पति और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं. नए कानून के तहत दहेज हत्या (BNS की धारा 80) में न्यूनतम 7 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है. यह एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है. यदि फरार आरोपी न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो पुलिस न्यायालय से वारंट लेकर उनके घर की कुर्की-जब्ती (Property Attachment) की कार्रवाई शुरू करेगी.

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