मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सह जिला प्रभारी मंत्री ने विकास योजनाओं एवं बाढ़ तैयारी की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को जनता के प्रति जवाबदेही, निष्ठा एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करने के दिए निर्देश

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १८ जून
मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सह मुजफ्फरपुर जिला प्रभारी मंत्री डॉ.दिलीप कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की महत्वपूर्ण बैठक समाहरणालय सभागार में आयोजित हुई। बैठक में मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, मंत्री रमा निषाद, विधायक रामसूरत राय, अजीत कुमार, रंजन कुमार, अजय कुमार, शंकर प्रसाद, बेबी कुमारी, महापौर निर्मला साहू, जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन, वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा, उप-विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम, नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी तुषार कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी पश्चिमी आकांक्षा आनंद सहित समिति के सदस्य गण तथा विभिन्न विभागों के पदाधिकारीगण मौजूद थे। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विकासात्मक योजनाओं, आधारभूत संरचना परियोजनाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, बिजली, पेयजल एवं संभावित बाढ़ आपदा की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी जवाबदेही, निष्ठा और पारदर्शिता के साथ किया जाए तथा सरकार के निर्धारित मानकों एवं समयसीमा के अनुरूप शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा के दौरान माननीय मंत्री ने तीनों कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि बरसात से पूर्व सभी ग्रामीण सड़कों का रखरखाव एवं मरम्मत कार्य संबंधित संवेदकों से मानक के अनुरूप सुनिश्चित कराया जाए। सदर अस्पताल में मोतियाबिंद (कैटारैक्ट) के मरीजों के ऑपरेशन की गुणवत्ता की जांच कराने का निर्देश भी दिया गया साथ ही सभी जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्रों के अस्पतालों की साफ-सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करने तथा डॉक्टरों की उपलब्धता एवं पदस्थापन से संबंधित अद्यतन आंकड़े उपलब्ध कराने को कहा गया। सोलर लाइट अधिष्ठापन की समीक्षा करते हुए माननीय मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि स्थल पर भौतिक सत्यापन के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाए। मध्यान्ह भोजन योजना में खाद्यान्न की गुणवत्ता को लेकर शिकायत मिलने पर मंत्री ने शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर जांच कराने का निर्देश दिया। वहीं किसानों के बीच उर्वरक वितरण एवं कालाबाजारी पर नियंत्रण के लिए जिला कृषि पदाधिकारी को थोक उर्वरक विक्रेताओं की जांच करने का आदेश दिया गया। जिला खेल पदाधिकारी को निर्देश देते हुए मंत्री ने कहा कि फुटबॉल एवं क्रिकेट की इंटर स्कूल प्रतियोगिताएं प्रखंड, अनुमंडल एवं जिला स्तर पर आयोजित की जाएं। जिला स्तर पर उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित करने की भी व्यवस्था की जाए ताकि जिले में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिले और खिलाड़ियों का मनोबल ऊंचा हो। राजस्व भूमि सुधार विभाग की समीक्षा में पाया गया कि कई दाखिल-खारिज आवेदन 120 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं। इस पर माननीय मंत्री ने ऐसे सभी मामलों का एक माह के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। ग्रामीण कार्य विभाग पूर्वी-1 की समीक्षा में बताया गया कि 394 सड़कों की स्वीकृति के विरुद्ध 385 योजनाओं का टेंडर एवं एग्रीमेंट हो चुका है तथा 312 योजनाओं का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। ग्रामीण कार्य विभाग पूर्वी-2 में 134 सड़कों की स्वीकृति के बाद सभी 134 योजनाओं का टेंडर एवं एग्रीमेंट किया जा चुका है, जिनमें से 124 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। ग्रामीण कार्य विभाग पश्चिम में 79 सड़कों की स्वीकृति के विरुद्ध सभी योजनाओं का टेंडर एवं एग्रीमेंट पूरा कर लिया गया है तथा 78 सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। पथ निर्माण विभाग के दोनों प्रमंडलों को बरसात से पहले क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया गया। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की समीक्षा में बताया गया कि मुजफ्फरपुर डिवीजन में 2,238 नल-जल योजनाओं में से 2,231 कार्यरत हैं। वहीं मोतीपुर डिवीजन में 3,114 योजनाओं में से 3,106 योजनाएं कार्यरत हैं। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 3,980 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1,205 घरों में सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं। सात निश्चय-2 के अंतर्गत कृषि फीडर निर्माण योजना में जिले को मिले 90 फीडर के लक्ष्य के विरुद्ध सभी 90 फीडरों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना में 12,901 लक्ष्य के विरुद्ध 12,510 उपलब्धि हासिल की गई है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर स्थापना की समीक्षा में बताया गया कि जिले में कुल 9,22,839 सक्रिय उपभोक्ता हैं, जिनमें से 8,18,116 उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। भवन निर्माण विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिला मुख्यालय में 2,000 क्षमता वाले आधुनिक परीक्षा भवन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जिसे वर्ष 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। डॉ.भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालयों के निर्माण की समीक्षा में बताया गया कि 720 छात्र क्षमता वाले विद्यालय मुसहरी, सकरा, बंदरा, पारू और मोतीपुर में निर्माणाधीन हैं, जबकि कुढ़नी में निविदा प्रक्रिया जारी है। प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवनों एवं आवासीय परिसरों के निर्माण के लिए कटरा, साहेबगंज, सकरा, गायघाट, बोचहां, मुसहरी, मड़वन, सरैया एवं औराई में निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा। मोतीपुर एवं पारू में निर्माण कार्य प्रगति पर है। जिले में प्रस्तावित 175 पंचायत सरकार भवनों में से 38 भवनों का निर्माण पूरा, 33 में कार्य प्रगति पर, 3 में निविदा निष्पादित तथा 1 में निविदा प्रक्रिया जारी है। शिक्षा विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 3,371 सरकारी विद्यालय एवं 27,882 शिक्षक कार्यरत हैं। वर्ष 2025-26 में प्रत्येक प्रखंड में एक मॉडल स्कूल का चयन कर शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में बताया गया कि संपूर्ण टीकाकरण के वार्षिक 1,49,268 लक्ष्य के विरुद्ध 1,40,466 बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है। बैठक में एएनसी, एनसीडी, संस्थागत प्रसव, हाइपरटेंशन एवं डायबिटीज स्क्रीनिंग की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को सभी सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं निशुल्क एवं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। श्रम संसाधन विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले में ई-श्रम पोर्टल पर 14,27,743 श्रमिकों का निबंधन किया जा चुका है। बैठक का प्रमुख विषय आगामी मानसून एवं संभावित बाढ़ आपदा की तैयारी भी रहा। समीक्षा में बताया गया कि जिले में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधनों की व्यवस्था कर ली गई है। वर्तमान में जिले में 26,125 पॉलिथीन शीट उपलब्ध हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए 15 सरकारी नाव तथा 263 निजी नावें चिन्हित की गई हैं। जिला मे 418 राहत शिविर तथा 448 सामुदायिक रसोई केंद्र चिन्हित किए गये हैं, जहां आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित परिवारों को भोजन एवं आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा। आपदा संपूर्ति पोर्टल पर अब तक 5,54,843 संभावित बाढ़ प्रभावित परिवारों की प्रविष्टि की जा चुकी है तथा सत्यापन का कार्य जारी है। जिले में 6 इनफ्लैटेबल मोटर बोट, 65 टेंट, एक महाजाल, एक इनफ्लैटेबल लाइटिंग सिस्टम, 20 लाइफ बॉय रिंग, 65 लाइफ जैकेट, 2 जीपीएस सेट तथा 5 सैटेलाइट फोन उपलब्ध हैं। इसके अलावा राहत एवं बचाव कार्य के लिए 159 गोताखोर तथा 497 आपदा मित्र तैनात किए गए हैं। बैठक में बताया गया कि जिले में बूढ़ी गंडक, गंडक एवं बागमती नदियों के साथ-साथ लखनदेई, करेह और बाया नदी के कारण बाढ़ एवं जलजमाव की स्थिति उत्पन्न होती है। जिले में कुल 147 स्लुइस गेट हैं और सभी सुरक्षित अवस्था में हैं। उनकी वार्षिक मरम्मत एवं ग्रिसिंग का कार्य कराया जा रहा है। मंत्री ने बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंताओं को तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने और आवश्यकता अनुसार सुदृढ़ीकरण कार्य कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभागों को समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करना होगा। पशु संसाधन विभाग ने बताया कि जिले के पशु चिकित्सालयों में 44 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए 38 पशु राहत शिविर चिन्हित किए गए हैं तथा पशुओं के लिए चारा और दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है। पेयजल व्यवस्था की समीक्षा में बताया गया कि मुजफ्फरपुर डिवीजन में 21,914 हैंडपंपों में से 21,738 तथा मोतीपुर डिवीजन में 22,216 हैंडपंपों में से 21,964 हैंडपंप कार्यरत हैं। मानव दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर मेडिकल टीमों का गठन किया गया है साथ ही बिजली विभाग, पथ निर्माण विभाग एवं ग्रामीण कार्य विभाग को भी आपदा के दौरान सतत सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया। बैठक में मंत्री डॉ.दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि सरकार की विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखते हुए जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें तथा बाढ़ जैसी किसी भी आपदा से निपटने के लिए पूरी तत्परता के साथ तैयार रहें।





