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जिला विकास एवं समन्वय समिति की बैठक में अधिकारियों को पूरी जवाबदेही एवं निष्ठा के साथ समयबद्ध रूप से गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने तथा शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का जिलाधिकारी ने दिया निर्देश

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार ३० जून

मुजफ्फरपुर जिले में संचालित विकास योजनाओं की प्रगति, आधारभूत संरचना परियोजनाओं की स्थिति तथा संभावित बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों की समीक्षा को लेकर जिलाधिकारी कुमार गौरव की अध्यक्षता मे  उच्चस्तरीय बैठक की गई। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, भवन निर्माण, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, ऊर्जा, कृषि, श्रम संसाधन, पशु संसाधन समेत विभिन्न विभागों की योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकार की सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी जवाबदेही, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जाए तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में सबसे पहले लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि मुजफ्फरपुर डिवीजन में संचालित 2,238 नल-जल योजनाओं में से 2,231 योजनाएं तथा मोतीपुर डिवीजन की 3,114 योजनाओं में से 3,106 योजनाएं वर्तमान में सुचारु रूप से कार्यरत हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जो योजनाएं बंद हैं, उन्हें शीघ्र चालू कराया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पेयजल की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक 3,980 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1,205 लाभुकों के घरों पर सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। सात निश्चय-2 के तहत कृषि फीडर निर्माण योजना में जिले को मिले 90 फीडरों के लक्ष्य के विरुद्ध सभी 90 फीडरों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना में 12,901 लक्ष्य के मुकाबले 12,510 किसानों को विद्युत सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना के तहत जिले के कुल 9,22,839 सक्रिय बिजली उपभोक्ताओं में से 8,18,116 उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने शेष कार्य भी शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। भवन निर्माण विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिला मुख्यालय में 2,000 क्षमता वाले आधुनिक परीक्षा भवन का निर्माण तेजी से चल रहा है और इसे वर्ष 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। डॉ.भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय योजना के तहत मुसहरी, सकरा, बंदरा, पारू और मोतीपुर में 720 छात्र क्षमता वाले विद्यालयों का निर्माण कार्य जारी है, जबकि कुढ़नी में निविदा प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा कटरा, साहेबगंज, सकरा, गायघाट, बोचहां, मुसहरी, मड़वन, सरैया और औराई में नए प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवन एवं आवासीय परिसरों के निर्माण की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मोतीपुर एवं पारू में निर्माण कार्य पहले से जारी है। जिले में प्रस्तावित 175 पंचायत सरकार भवनों में से 38 भवन बनकर तैयार हो चुके हैं, 33 भवनों का निर्माण कार्य चल रहा है, तीन भवनों की निविदा निष्पादित हो चुकी है तथा एक भवन में निविदा प्रक्रिया जारी है। शिक्षा विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 3,371 सरकारी विद्यालय संचालित हैं, जहां 27,882 शिक्षक कार्यरत हैं। वर्ष 2025-26 में प्रत्येक प्रखंड में एक मॉडल स्कूल का चयन कर वहां शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। जिलाधिकारी ने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित उपस्थिति तथा आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में संपूर्ण टीकाकरण के वार्षिक 1,49,268 लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 1,40,466 बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है। बैठक में गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, गैर संचारी रोग (एनसीडी), संस्थागत प्रसव, हाइपरटेंशन एवं डायबिटीज स्क्रीनिंग की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को सरकारी अस्पतालों में सभी स्वास्थ्य सेवाएं समय पर और निशुल्क उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए सर्वेक्षण, संभावित मरीजों की पहचान, समय पर जांच, दवा उपलब्धता और नियमित उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि जिले में क्षय रोग उन्मूलन अभियान को और गति मिल सके। श्रम संसाधन विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले में ई-श्रम पोर्टल पर अब तक 14 लाख 27 हजार 743 श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने शेष पात्र श्रमिकों का भी शीघ्र निबंधन कराने का निर्देश दिया। संभावित बाढ़ को देखते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारियों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। पशु संसाधन विभाग ने बताया कि जिले के पशु चिकित्सालयों में 44 प्रकार की आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं। बाढ़ की स्थिति में पशुओं के इलाज के लिए 38 पशु राहत शिविर चिन्हित किए गए हैं तथा चारा एवं दवाओं का पर्याप्त भंडारण कर लिया गया है। मानव स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है तथा मेडिकल टीमों का गठन कर उन्हें तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। बिजली विभाग, पथ निर्माण विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग को भी बाढ़ के दौरान त्वरित कार्रवाई करते हुए जनजीवन सामान्य बनाए रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखें, जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करें तथा संभावित बाढ़ जैसी किसी भी आपदा से निपटने के लिए पूरी तैयारी के साथ अलर्ट मोड में रहें।

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