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कोई भी निजी विद्यालय एक शैक्षणिक सत्र में पिछले वर्ष की तुलना में 7% से अधिक शुल्क वृद्धि नहीं कर सकता – गिरिवर दयाल सिंह, प्रमंडलीय आयुक्त

तिरहुत प्रमंडल (मुजफ्फरपुर, वैशाली, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी और शिवहर) के कुल 3,110 निजी स्कूलों की जांच में 312 स्कूल दोषी पाए गए, जिन्होंने 7% से अधिक फीस बढ़ाई थी

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १० मई

तिरहुत प्रमंडल के प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने प्रमंडल के निजी विद्यालयों में बिहार राज्य शुल्क विनियमन अधिनियम, 2019 के सख्त अनुपालन को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। आयुक्त कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने स्पष्ट किया कि निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली पर प्रशासन अब कड़ी कार्रवाई करेगा। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि कोई भी निजी स्कूल 7% से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकता। तिरहुत प्रमंडल (मुजफ्फरपुर, वैशाली, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी और शिवहर) के कुल 3,110 निजी स्कूलों की जांच में 312 स्कूल दोषी पाए गए, जिन्होंने 7% से अधिक फीस बढ़ाई थी। दोषी स्कूलों को अभिभावकों से ली गई अतिरिक्त राशि (फीस/किताब/पोशाक) वापस करनी होगी। जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। स्कूलों को किसी एक दुकान से किताब या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य न करने का आदेश दिया गया है। शिकायतों के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए जा रहे हैं। यह कार्रवाई बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2019 के अनुपालन में की गई है। अधिनियम के अनुसार, कोई भी निजी विद्यालय एक शैक्षणिक सत्र में पिछले वर्ष की तुलना में 7% से अधिक शुल्क वृद्धि नहीं कर सकता। स्कूलों को प्रवेश शुल्क, मासिक ट्यूशन फीस, वार्षिक शुल्क, किताबों और यूनिफॉर्म की लागत का पूरा ब्योरा अपने नोटिस बोर्ड और आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदर्शित करना अनिवार्य है। यदि कोई स्कूल 7% से अधिक वृद्धि करना चाहता है, तो उसे ‘शुल्क विनियमन समिति’ से पूर्व अनुमति लेनी होगी और इसका ठोस औचित्य दर्शाना होगा। श्री सिंह नें बताया की नियमों का पहली बार उल्लंघन करने पर 1 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। दोबारा गलती करने पर यह राशि 2 लाख रुपये होगी। यदि स्कूल दंड के बाद भी सुधार नहीं करते हैं, तो उनकी मान्यता रद्द करने की अनुशंसा की जा सकती है। तिरहुत प्रमंडल के 312 स्कूलों को निर्धारित सीमा से अधिक वसूली गई राशि अभिभावकों को लौटाने का निर्देश दिया गया है। इनमें मुजफ्फरपुर के 40 से अधिक स्कूल शामिल हैं. आयुक्त ने इस मामले में शिथिलता बरतने वाले प्रमंडल के सभी छह जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) के विरुद्ध भी अनुशासनिक कार्रवाई (प्रपत्र “क” गठित करना) का आदेश दिया है। श्री सिंह नें बताया की अभिभावक अपनी शिकायतें प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय या संबंधित जिला पदाधिकारी (DM) को दर्ज करा सकते हैं।

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