शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्रियां हासिल करना नहीं, बल्कि एक सच्चा और नैतिक इंसान बनना है- प्रो.दिनेश चंद्र राय, कुलपति
अंकों से कहीं अधिक चरित्र, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी एक व्यक्ति को परिभाषित करती है- सुब्रत कुमार सेन, जिलाधिकारी

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १७ अप्रैल
लंगट सिंह महाविद्यालय के दीक्षारंभ समारोह में बी.आर अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.दिनेश चंद्र राय और डीएम सुब्रत सेन (IAS) ने सत्र 2025-27 के नवप्रवेशित स्नातकोत्तर छात्रों को संबोधित किया। कुलपति प्रो.राय ने एलएस कॉलेज के आचार्य कृपलानी सभागार में आयोजित इस दीक्षारंभ समारोह की अध्यक्षता करते हुए छात्रों को जीवन के उस बुनियादी सच से अवगत कराया है जिसे अक्सर प्रतिस्पर्धा की दौड़ में भुला दिया जाता है। कुलपति नें कहा की शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्रियां हासिल करना नहीं, बल्कि एक सच्चा और नैतिक इंसान बनना है। जब प्रशासनिक और शैक्षणिक जगत के शीर्ष व्यक्तित्व इस तरह के विचार साझा करते हैं, तो यह छात्रों के लिए एक मार्गदर्शक की तरह काम करता है। कुलपति प्रो. राय ने नवागंतुक छात्रों से आह्वान किया कि वे शुरुआत से ही स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें और अपने आचरण व कर्म से कॉलेज, विश्वविद्यालय और अपने परिवार का गौरव बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत प्रतिस्पर्धी युग है, लेकिन अवसर भी पहले से कहीं ज्यादा हैं। उच्च शिक्षण संस्थान केवल डिग्री प्रदान करने के लिए नहीं हैं, बल्कि गहन ज्ञान, मजबूत संस्कार और जिम्मेदार नागरिक बनने तथा जीवन जीने की कला सिखाने का माध्यम है। कुलपति ने छात्रों को सलाह दी कि लक्ष्य हमेशा स्पष्ट रखें, समय का सम्मान करें, निरंतर सीखते रहें और गलतियों से भी सबक लें। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंक कुछ भी परिभाषित नहीं करते, बल्कि चरित्र और संस्कार मायने रखते हैं। उन्होंने अंत में सभी से मूल्यों को हर हाल में बनाए रखने की अपील की। मुख्य अतिथि सह डीएम श्री सेन ने दीक्षारंभ समारोह में छात्रों को यह संदेश दिया कि अंकों से कहीं अधिक चरित्र और नैतिक मूल्य किसी व्यक्ति को परिभाषित करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंकों से कहीं अधिक चरित्र, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी एक व्यक्ति को परिभाषित करती है। उन्होंने छात्रों को ईमानदारी से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। जिलाधिकारी श्री सेन ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके लिए कॉलेज कैंपस में आना हमेशा सुखद अनुभव होता है। उन्होंने सलाह दी कि छात्र पहले खुद के बारे में सोचें और हर भूमिका में शत-प्रतिशत प्रयास करें। उन्होंने कहा कि परिणाम हमेशा हाथ में नहीं होते, लेकिन ईमानदार प्रयास कभी न कभी अवश्य फल देते हैं। डीएम ने खेल, स्टार्टअप समेत विभिन्न क्षेत्रों में करियर प्रॉस्पेक्ट्स की चर्चा करते हुए बिहार सरकार की विभिन्न योजनाओं का भी जिक्र किया और छात्रों को इनका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। दीप प्रज्वलन और संगीत विभाग के छात्रों द्वारा कुलगीत प्रस्तुति के बाद अतिथियों का स्वागत करते हुए प्राचार्या प्रो.कनुप्रिया ने अपने संबोधन में कॉलेज के गौरवशाली अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि नई पहलों के साथ संस्थान का भविष्य भी स्वर्णिम होगा। उन्होंने कहा कि लंगट सिंह कॉलेज बिहार ही नहीं, पूरे देश के लिए उच्च शिक्षा का एक आदर्श मॉडल बनेगा। कॉलेज छात्र-केंद्रित, तकनीकी रूप से उन्नत स्किल हब के रूप में उभरेगा तथा 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने के लिए छात्रों को तैयार करेगा। दीक्षारंभ समारोह का संचालन एनएसएस प्रोग्राम अधिकारी डॉ.शशिकांत पांडे ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन एनसीसी अधिकारी डॉ.राजीव कुमार ने किया। दीक्षारंभ समारोह में प्रो.टीके डे, प्रो.पुष्पा कुमारी, प्रो.राजीव झा, प्रो.जयकांत सिंह ‘जय’, प्रो.शैलेंद्र सिन्हा, डॉ.ऋतुराज कुमार, डॉ.अर्धेंदु, डॉ.राजेश्वर कुमार, डॉ. नवीन कुमार, डॉ.दीपक कुमार, डॉ.प्रदीप कुमार, रमण कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में अन्य शिक्षक, छात्र-छात्राएं और कर्मचारी उपस्थित रहे।






