राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने 1857 की क्रांति के नायक बाबू वीर कुँवर सिंह को उनके ‘विजय दिवस’ पर किया नमन

ध्रुव कुमार सिंह, पटना, बिहार, २३ अप्रैल
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू वीर कुँवर सिंह के ‘विजय दिवस’ पर, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने पटना स्थित वीर कुँवर सिंह आज़ादी पार्क में अमर सेनानी की आदमकद अश्वारोही प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल ने उनके बलिदान और देशभक्ति को सदैव प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा की 80 वर्ष की उम्र में भी बाबू वीर कुँवर सिंह ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के खिलाफ अद्भुत साहस और पराक्रम का परिचय दिया था। 23 अप्रैल 1858 को उन्होंने जगदीशपुर के पास ब्रिटिश सेना को करारी शिकस्त देकर अपने किले पर पुन: विजय प्राप्त की थी, जिसे हर साल ‘विजय दिवस’ या ‘विजयोत्सव’ के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव सहित कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी भी मौजूद रहे। इस राजकीय समारोह में उनके अदम्य साहस, वीरता और 80 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों को हराने की ऐतिहासिक उपलब्धि को याद करते हुए नमन किया गया। 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक, जिन्हें 80 वर्ष की उम्र में भी लड़ने तथा विजय हासिल करने के लिए जाना जाता है। यह दिन बाबू वीर कुँवर सिंह के अद्वितीय बलिदान और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को समर्पित है, जो आज भी प्रेरणास्रोत हैं।





