बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्वि-वार्षिक निर्वाचन को लेकर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2024 की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २४ सितम्बर
बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्वि-वार्षिक निर्वाचन, 2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए मुजफ्फरपुर के जिला दण्डाधिकारी सह सहायक निर्वाची पदाधिकारी कुमार गौरव द्वारा पूरे जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2024 की धारा-163 (जो पहले CrPC की धारा-144 थी) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। इस निषेधाज्ञा के लागू होने के बाद जिले में बिना अनुमति के किसी भी स्थान पर 5 या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने (गैर-कानूनी सभा) पर रोक। लाठी, भाला, तलवार या किसी भी प्रकार के घातक हथियार और आग्नेयास्त्र (लाइसेंसी हथियारों सहित, यदि आदेश में निर्दिष्ट हो) को लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध। बिना पूर्व प्रशासनिक अनुमति के किसी भी प्रकार के जुलूस, रैली, प्रदर्शन या चुनावी सभा के आयोजन पर रोक। लाउडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, और दिन में भी इसके लिए सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेनी होगी। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से किसी भी प्रकार की भ्रामक, सांप्रदायिक या भड़काऊ अफवाह फैलाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विदित हो कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक द्वि-वार्षिक निर्वाचन के लिए दिनांक 22.09.2026 को प्रेस नोट जारी किया गया है। इसके अनुसार 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी। नामांकन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा की जाएगी। अभ्यर्थिता वापसी की अंतिम तिथि 9 अक्टूबर है। 23 अक्टूबर को 8 बजे पूर्वाह्न से 4 बजे अपराह्न तक मतदान एवं 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। निर्वाचन प्रक्रिया, जो दिनांक 22.09.2026 को प्रेस नोट निर्गत होने के साथ प्रारम्भ हुई है, दिनांक 31.10.2026 के पूर्व पूर्ण हो जाएगी। जिला जनसम्पर्क अधिकारी लोकेश कुमार झा नें बताया की यह आदेश आदर्श आचार संहिता के पालन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चुनाव प्रक्रिया के पूरा होने तक प्रभावी रहेगा।जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों एवं थानाध्यक्षों को इस आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।




