बिहार प्राचीन काल से ही चिंतन, तर्क, शिक्षा और विचारों का एक महान केंद्र रहा है- लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (रिटायर्ड), राज्यपाल

ध्रुव कुमार सिंह, पटना, बिहार, ३१ अगस्त
बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (रिटायर्ड) ने बिहार लोकभवन के दरबार हॉल में आयोजित ‘पाटलिपुत्र प्रज्ञा प्रवाह’ लेक्चर सीरीज़ के पहले संस्करण में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। इस अवसर पर राज्यपाल ने बिहार की ऐतिहासिक ज्ञान परंपरा को याद करते हुए कहा कि बिहार प्राचीन काल से ही चिंतन, तर्क, शिक्षा और विचारों का एक महान केंद्र रहा है। उन्होंने कहा की इस व्याख्यान श्रृंखला का मुख्य उद्देश्य बिहार की बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाना तथा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय विषयों पर संवाद स्थापित करना है। व्याख्यान में प्रसिद्ध राजनयिक, विद्वान और लेखक टीसीए राघवन ने “मक्का समझौता, पाकिस्तान और भारत-पाकिस्तान संबंधों का भविष्य” विषय पर अपना व्यावहारिक वक्तव्य दिया। उन्होंने तेजी से बदलती वैश्विक और क्षेत्रीय राजनीतिक स्थिति की बारीकी से समीक्षा करते हुए कहा की भारत को अपने दक्षिण एशियाई पड़ोसियों के प्रति एक दीर्घकालिक (लंबी अवधि के) और संतुलित दृष्टिकोण को अपनाना चाहिए और आतंकवाद के खिलाफ भारत की प्रतिक्रिया पूरी तरह मजबूत, सख्त और अडिग होनी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान भारत-पाकिस्तान संबंधों और दक्षिण एशिया के बदलते क्षेत्रीय समीकरणों पर गंभीर चिंतन हुआ। वक्ताओं ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के साथ-साथ अपने दक्षिण एशियाई पड़ोसियों के प्रति भारत को एक दीर्घकालिक और संतुलित दृष्टिकोण रखने की आवश्यकता पर बल दिया।






