हिन्दी हमारी राष्ट्र की एकता का एक मजबूत सेतु- लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त), राज्यपाल

ध्रुव कुमार सिंह, पटना, बिहार, ३० अगस्त
बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने पटना के बिहार लोक भवन में विश्व हिंदी परिषद् द्वारा आयोजित ‘क्षेत्रीय हिन्दी सम्मेलन एवं सम्मान समारोह’ में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि हिन्दी हमारी राष्ट्र की एकता का एक मजबूत सेतु है। भारतीय भाषाओं और देश की समृद्ध ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को याद किया। राज्यपाल ने कहा कि हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाएँ राष्ट्रीय एकता का मजबूत सेतु हैं। उन्होंने नई पीढ़ी तक समृद्ध ज्ञान परंपरा पहुँचाने और हिन्दी के व्यापक विस्तार के लिए निरंतर प्रयास करने पर जोर दिया। इस अवसर पर ‘लाल पहाड़ी : स्त्री महाविहार’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले विशिष्ट महानुभावों को ‘डॉ॰ श्यामा प्रसाद मुखर्जी सम्मान’ से सम्मानित किया गया। बिहार लोक भवन में आयोजित इस ‘क्षेत्रीय हिंदी सम्मेलन एवं सम्मान समारोह’ में कई अन्य प्रमुख अतिथियों और वक्ताओं ने भाग लिया, जिनमें इन्द्रेश कुमार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ प्रचारक, डॉ.सी.पी.ठाकुर, बिहार के प्रख्यात चिकित्सक, कालाजार विशेषज्ञ और वरिष्ठ राजनेता, डॉ.संजय पासवान, बिहार के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री, अशोक चौधरी, बिहार सरकार के मंत्री, प्रत्यय अमृत, बिहार सरकार के मुख्य सचिव (Chief Secretary), डॉ.विपिन कुमार, विश्व हिंदी परिषद के राष्ट्रीय महासचिव (और भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के सदस्य), दीपक ठाकुर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (और भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सदस्य), शैलेश वत्स, मुख्य समन्वयक एवं केंद्रीय प्रभारी (बिहार एवं झारखंड), कमल किशोर,सम्मेलन संयोजक एवं विश्व हिंदी परिषद के बिहार प्रदेश अध्यक्ष, प्रो.मधु प्रभा, सह-संयोजक एवं अध्यक्ष (शैक्षिक प्रकोष्ठ, बिहार प्रदेश), रमाकांत चंदन, वरिष्ठ पत्रकार और लेखक, जिनकी पुस्तक ‘लाल पहाड़ी: स्त्री महाविहार’ का विमोचन इस अवसर पर राज्यपाल द्वारा किया गया, शांतमनु (पद्मश्री), लेखक, जिनकी पुस्तक का विमोचन हुआ और उन्होंने कार्यक्रम में काव्य-पाठ भी किया। इनके अलावा, राज्यपाल सचिवालय और स्थानीय प्रशासन के भी कई वरिष्ठ अधिकारी व्यवस्था और गरिमा बनाए रखने के लिए इस समारोह में मौजूद रहे।






