पुलिस अधीक्षक (नगर) के नेतृत्व में मासिक अपराध गोष्ठी का किया गया आयोजन, शहर की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने और लंबित मामलों के तेजी से निपटारे को लेकर सख्त निर्देश जारी

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ०५ अगस्त
मुजफ्फरपुर में पुलिस अधीक्षक (नगर) (City SP) मोहिबुल्लाह अंसारी के नेतृत्व में मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें शहरी क्षेत्र के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), अंचल निरीक्षक और थानाध्यक्ष उपस्थित रहे। इस दौरान माह जुलाई 2026 के दौरान चोरी, लूट, डकैती और हत्या जैसे संगीन मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। सभी थानाध्यक्षों को दर्ज मामलों के त्वरित निपटारे और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मुजफ्फरपुर नगर पुलिस की इस मासिक अपराध गोष्ठी में मुख्य रूप से शहर की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने और लंबित मामलों के तेजी से निपटारे को लेकर कई सख्त निर्देश जारी किए गए हैं. शहर में बढ़ती छिनतई (स्नैचिंग) और चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाने और नई रणनीति के तहत काम करने का आदेश दिया गया है। थानों में लंबे समय से लंबित मामलों, वारंट और कुर्की-जब्ती के आदेशों को विशेष अभियान चलाकर तुरंत पूरा करने को कहा गया है। महिला कॉलेजों और कोचिंग सेंटरों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने तथा संदिग्धों पर पैनी नजर रखने का सख्त निर्देश दिए गए है। नगर पुलिस अधीक्षक (City SP) ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि शनिवार के दिन अंचलाधिकारी (CO) के साथ मिलकर थाना स्तर पर आयोजित होने वाले जनता दरबारों को और प्रभावी बनाएं। जिले के सभी बड़े आभूषण दुकानों, पेट्रोल पंपों और वित्तीय संस्थानों के आसपास सुरक्षा और सीसीटीवी सर्विलांस (CCTV) बढ़ाने का निर्देश है ताकि हालिया लूट की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। सभी थानों को हाल के दिनों में फरार हुए शातिर अपराधियों और वारंटियों की सूची बनाकर उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी दल गठित करने को कहा गया है। अपराध नियंत्रण के लिए देर रात और तड़के (Early Morning) होने वाली पुलिस गश्त की खुद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) औचक जांच करेंगे। पुलिस अधीक्षक, नगर द्वारा आम जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने, उनकी समस्याओं का त्वरित एवं संवेदनशील तरीके से समाधान करने तथा पुलिस की जनसहभागिता को और अधिक सुदृढ़ बनाने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा की पुलिस एवं आमजन के बीच विश्वास और संवाद की मजबूत कड़ी कानून-व्यवस्था को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।





