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जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति के साथ धरती माता बचाओ निगरानी समिति की बैठक आहूत

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार ०९ जुलाई

जिलाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में सीतामढ़ी समाहरणालय स्थित विमर्श सभा कक्ष में जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति के साथ धरती माता बचाओ निगरानी समिति की बैठक की गई। बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी बृजेश कुमार, जिला जन संपर्क पदाधिकारी कमल सिंह के साथ कृषि विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्यों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक में प्रखंड स्तर पर विभिन्न फसलों के अनुसार उर्वरकों की अनुमानित खपत एवं आवश्यकता का आकलन कर उसकी समीक्षा की गयी। समिति ने उर्वरकों की समय पर आपूर्ति एवं उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल दिया, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो। बैठक में समीक्षा की गयी कि जिला स्तर से प्राप्त उर्वरकों का वितरण प्रखंड के विभिन्न खुदरा उर्वरक विक्रेताओं के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किसानों तक हो रहा है या नहीं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी प्रखंडों में उर्वरकों की उपलब्धता स्थानीय फसल आच्छादन एवं वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि उर्वरकों के आवंटन एवं वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, संतुलित एवं न्यायसंगत होनी चाहिए, ताकि किसानों को समय पर आवश्यक मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हो सके साथ ही डीएम द्वारा उर्वरकों के निर्धारित विक्रय मूल्य, वितरण व्यवस्था एवं गुणवत्ता पर सतत निगरानी बनाये रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।डीएम ने निर्देश दिया कि किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित किया जाये। उर्वरकों की कालाबाजारी न हो।इसमें संलिप्त लोगों को चिन्हित कर कड़ी कारवाई की जाय। औचक छापामारी करें। बॉर्डर एरिया में विशेष फोकस रखें और एसएसबी के साथ समन्वय बनाना सुनिश्चित करें। बैठक में सांसद शिवहर के प्रतिनिधि नागेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि कि जब यूरिया डीएपी आदि खाद की समुचित उपलब्धता है, तो ऊंची कीमत पर यूरिया की बिक्री नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कुछ स्थानों पर ऊंची कीमत की बिक्री पर चिंता प्रकट की जिस पर जिलाधिकारी ने जांच करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि ऐसे लोगों पर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर ही बिक्री करें। उन्होंने कहा कि खाद की कीमत  सरकार तय करती है। जिला कृषि पदाधिकारी ने जानकारी दी कि जिले में 1098 खुदरा उर्वरक विक्रेताओं की संख्या है जबकि 886 थोक विक्रेताओं की संख्या है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी  प्रखंडों में कुल 10032.129 MT यूरिया का स्टॉक है।जबकि DAP 2205.174MT उपलब्ध है। खरीफ– 2026 में प्रखंड वार आच्छादन का लक्ष्य निर्धारित है। जिले का कुल लक्ष्य 116448.65 हेक्टेयर है। उन्होंने बताया कि उर्वरक नमूना संग्रह के मद्देनजर 146 का लक्ष्य है जबकि 42 नमूना संग्रह किया गया है जिसे जांच हेतु भेजा गया है जिसमें 21 का परिणाम आए हैं जो मानक के अनुरूप हैं, शेष का आना बाकी है। जिला स्तरीय धरती माता बचाओ निगरानी समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि की उर्वरा शक्ति एवं पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने किसानों के बीच मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, मृदा जांच तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए भूमि की उत्पादकता सुरक्षित रखी जा सके।

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