पंचायत भवनों में सभी कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई – रिची पांडेय, डीएम

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार ०२ जुलाई
सीतामढ़ी समाहरणालय स्थित विमर्श सभा कक्ष में जिलाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में आरटीपीएस, लोक शिकायत, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड, सीपीग्राम, जिला जनता दरबार, मुख्यमंत्री जनता दरबार एवं सहयोग शिविर पोर्टल से संबंधित लंबित परिवादों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी प्रखंड एवं अंचल स्तरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि आरटीपीएस अधिनियम का उद्देश्य नागरिकों को सरकारी सेवाएं समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जाति, आय, आवासीय प्रमाण-पत्र, दाखिल-खारिज, पेंशन सहित अन्य जनकल्याणकारी सेवाओं में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आरटीपीएस रैंकिंग में सुधार लाने तथा लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने बैठक से अनुपस्थित पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश देते हुए कहा कि लोक शिकायत निवारण अधिनियम सुशासन का महत्वपूर्ण माध्यम है और प्रत्येक नागरिक को निर्धारित समय सीमा के भीतर सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को सभी शिकायतों के समयबद्ध निष्पादन एवं नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। बैठक के दौरान डीएम ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि प्रत्येक पंचायत भवन में कार्यपालक सहायक, पंचायत सचिव, राजस्व कर्मचारी, विकास मित्र सहित सभी पंचायत स्तरीय कर्मी नियमित रूप से उपस्थित रहें और पूरी निष्पक्षता एवं गंभीरता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि पंचायत कार्यालय पूरी तरह क्रियाशील रहे साथ ही पीएचईडी, पंचायत, मनरेगा, आईसीडीएस, जीविका एवं अन्य सरकारी योजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित कर आम लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए। बैठक में लोक शिकायत, सीएम डैशबोर्ड, सीपीग्राम, जिला जनता दरबार, मुख्यमंत्री जनता दरबार एवं सहयोग शिविर पोर्टल पर लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को लंबित परिवादों के त्वरित निष्पादन का निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि कार्य में शिथिलता या अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।





