बिहारराज्यलोकल न्यूज़

जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण, तैयारियों का लिया जायजा, तटबंधों की निगरानी, राहत व्यवस्था और नए डिग्री कॉलेजों की तैयारियों को समयबद्ध पूरा करने का निर्देश

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार ०१ जुलाई

संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला पदाधिकारी कुमार गौरव ने अधिकारियों की टीम के साथ औराई, कटरा तथा गायघाट प्रखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का व्यापक भ्रमण कर तैयारी का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बागमती लखनदेई नदी के तटबंधों, स्लुइस गेट, चयनित राहत एवं बचाव स्थलों  का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट एवं एक्टिव मोड में रहने का निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ प्रबंधन से जुड़े सभी कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बागमती नदी के तटबंधों की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया तथा संबंधित विभाग के अधिकारियों को तटबंधों की नियमित निगरानी एवं सतत निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जाए तथा किसी भी प्रकार की क्षति या रिसाव की सूचना तत्काल नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। बागमती नदी के तटबंध का विभागीय योजना के तहत सुदृढ़ीकरण, चौड़ीकरण एवं ऊंचीकरण किया जाना है। उन्होंने कार्यकारी एजेंसियों को विभागीय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि तटबंध केवल बाढ़ से सुरक्षा का माध्यम ही नहीं है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण मार्ग भी है। इसलिए निर्माण कार्य की गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए, जिससे तटबंध सुरक्षित एवं टिकाऊ बनने के साथ-साथ लोगों को सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा भी मिल सके। भ्रमण के क्रम में जिलाधिकारी ने स्लुइस गेट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी स्लुइस गेट पूरी तरह क्रियाशील स्थिति में रहें। गेटों की नियमित जांच, साफ-सफाई एवं आवश्यक मरम्मत कार्य तत्काल पूरा किया जाए, ताकि बाढ़ के दौरान जल निकासी में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि तकनीकी खराबी या रखरखाव में लापरवाही के कारण किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। जिलाधिकारी ने संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा की जा रही तैयारियों की भी विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने शरण स्थलों, राहत शिविरों, पशु शरण स्थलों, सामुदायिक किचेन, मेडिकल कैंप, मानव दवाओं एवं पशु दवाओं की उपलब्धता सहित अन्य आवश्यक संसाधनों की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी आवश्यक सामग्री अग्रिम रूप से उपलब्ध रहे तथा आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य तत्काल प्रारंभ किए जा सकें। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में विलंब नहीं होना चाहिए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील गांवों एवं तटबंधों पर नियमित गश्ती एवं निगरानी जारी रखी जाए। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के साथ सतत संवाद बनाए रखते हुए किसी भी आपात सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रबंधन के प्रत्येक बिंदु पर प्रशासन पूरी गंभीरता एवं तत्परता के साथ कार्य करेगा। भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज की स्थापना की दिशा में चल रही तैयारियों का निरीक्षण किया।  जिले के केवल तीन प्रखंड औराई, गायघाट तथा बोचहा में अब तक डिग्री कॉलेज संचालित नहीं हैं। इन प्रखंडों में कॉलेज संचालन के लिए भवनों का चयन कर लिया गया है तथा आवश्यक मरम्मत एवं आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि औराई प्रखंड में उच्च विद्यालय, औराई, गायघाट प्रखंड में उच्च विद्यालय, जारंग तथा बोचहा प्रखंड में मध्य विद्यालय, सरफुद्दीन के भवन में डिग्री कॉलेज का संचालन प्रारंभ किया जाएगा। इसके लिए चयनित भवनों की मरम्मत, फर्नीचर, पेयजल, विद्युत, शौचालय सहित अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। जिलाधिकारी ने औराई एवं गायघाट स्थित चयनित विद्यालयों का निरीक्षण कर निर्माण एवं तैयारी कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि 5 जुलाई तक सभी आवश्यक व्यवस्थाएं हर हाल में पूरी कर ली जाएं, ताकि डिग्री कॉलेजों का संचालन शीघ्र प्रारंभ किया जा सके और स्थानीय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अन्य क्षेत्रों में जाने की आवश्यकता न पड़े। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि चाहे बाढ़ प्रबंधन की तैयारी हो अथवा शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विकास, सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने तथा प्रत्येक कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए किसी भी प्रकार की बाधा का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button