जिलाधिकारी नें आईसीडीएस के कार्यों की समीक्षात्मक बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना एवं मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना में लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि हेतु दिए कड़े निर्देश

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार ३० जून
जिलाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में सीतामढ़ी समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में आईसीडीएस के कार्यों की समीक्षात्मक बैठक की गई। बैठक में डीपीओ आईसीडीएस सहित सभी सीडीपीओ, एलएस उपस्थिति थें। बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना एवं मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना में लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि हेतु कड़े निर्देश दिए गए। बैठक में पोषक क्षेत्र में आने वाले इच्छुक सभी लाभुकों को नियमानुसार लाभ देने हेतु सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया। बैठक में सभी सीडीपीओ को निर्देशित किया गया कि आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए शीघ्र भूमि चिन्हित करने की दिशा में अग्रेत्तर कार्रवाई करें। समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित एवं समयबद्ध संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा केंद्रों पर बच्चों एवं गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि पूरक पोषाहार का वितरण निर्धारित मानकों एवं समय-सीमा के अनुरूप किया जाए तथा इसकी नियमित निगरानी की जाए। बच्चों के वजन एवं लंबाई का मापन समय पर कर कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों की पहचान करते हुए उन्हें आवश्यक पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं से आच्छादित किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, एनीमिया नियंत्रण एवं संतुलित पोषण के संबंध में नियमित रूप से जागरूक किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री-स्कूल शिक्षा गतिविधियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल एवं शिक्षण सामग्री का समुचित उपयोग किया जाए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण एवं अनुश्रवण की व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा निरीक्षण के दौरान पाई जाने वाली कमियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर दूर कराया जाए। कार्यों में लापरवाही अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल से संबंधित कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।






