डॉ.श्रीकृष्ण सिंह की “लोक सेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता” और “व्यक्तिगत ईमानदारी” बिहार की प्रगति के लिए आवश्यक – प्रो.दिनेश चंद्र राय, कुलपति, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय

ध्रुव कुमार सिंह, हाजीपुर, बिहार,
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) के कुलपति प्रो.दिनेश चंद्र राय ने वाईएनकेएस (YNKS) कॉलेज, हाजीपुर में बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री “डॉ.श्री कृष्ण सिंह की विरासत” पर बिहार केसरी डॉ.कृष्ण सिंह विचार मंच द्वारा आयोजित संगोष्ठी को संबोधित किया। कुलपति प्रो.राय ने आधुनिक बिहार के निर्माण में डॉ. श्री कृष्ण सिंह (बिहार केसरी) की दूरदर्शी सोच और उनके द्वारा स्थापित औद्योगिक व शैक्षणिक नींव की सराहना की। उन्होंने शिक्षकों और छात्रों को डॉ.सिंह के मूल्यों को आत्मसात करने और विश्वविद्यालय के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अस्पृश्यता उन्मूलन और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए श्रीबाबू के ऐतिहासिक प्रयासों पर प्रकाश डाला और कहा कि उनके पदचिन्हों पर चलना समावेशी बिहार के निर्माण की कुंजी है। कुलपति ने छात्रों और शिक्षकों को “बिहार के शेर” (बिहार केसरी) को सिद्धांतवादी नेतृत्व के आदर्श के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। कुलपति ने कहा कि बिहार केसरी डॉ. श्री कृष्ण सिंह ने कभी भी जाति की राजनीति नहीं की। उन्होंने हमेशा सर्वहारा वर्ग और मानवीय मूल्यों को शासन का आधार बनाया। उन्होंने उल्लेख किया कि श्री बाबू के कार्यकाल में बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था पूरे देश में अग्रणी (नंबर वन) मानी जाती थी। कुलपति ने डॉ. सिंह द्वारा वंचित समाज को देवघर मंदिर में प्रवेश दिलाने जैसे साहसी सामाजिक कार्यों की सराहना की। प्रोफेसर राय ने डॉ. श्री कृष्ण सिंह के वंशज होने पर गर्व व्यक्त करते हुए उनके विजन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। गौरतलब है कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और डॉ. श्री कृष्ण सिंह के विजन को आगे बढ़ाने के लिए प्रोफेसर दिनेश चंद्र राय को स्वयं ‘बिहार केसरी पुरस्कार’ से सम्मानित किया जा चुका है। संगोष्ठी की अध्यक्षता डॉ.कृष्ण सिंह विचार मंच के संयोजक डॉ.विजय कुमार विद्यार्थी ने की। महाविद्यालय की सचिव शिखा शरद और अध्यक्ष अपूर्व शुक्ला ने कुलपति का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमित कुमार सिंह और अन्य वरिष्ठ शिक्षक भी उपस्थित रहे।






