जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक सभी अधिकारी आम जनता की समस्याओं के समाधान के प्रति पूरी प्रतिबद्धता, संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करें- रिची पांडेय, जिलाधिकारी

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार, २० अप्रैल
जिलाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में सीतामढ़ी समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में जिला विकास एवं समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बैठक में अपर समाहर्ता संजीव कुमार, नगर आयुक्त, डॉ.गजेंद्र कुमार सिंह, जिला जनसम्पर्क अधिकारी कमल सिंह सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। जबकि प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट और सख्त संदेश दिया कि जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक सभी अधिकारी आम जनता की समस्याओं के समाधान के प्रति पूरी प्रतिबद्धता, संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता आमजन को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा उपलब्ध कराना है, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोनबरसा प्रखंड के संदर्भ में जिलाधिकारी ने बीडीओ को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देश दिया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्रों में निजी विद्यालयों, उर्वरक दुकानों, अवैध नर्सिंग होम एवं अल्ट्रासाउंड सेंटरों की नियमित और सघन जांच सुनिश्चित की जाए। साथ ही बॉर्डर से 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी गांवों में विभिन्न विभागों के समन्वय से सरकार की सभी विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि सार्वजनिक स्थलों एवं जल निकायों पर किए गए अतिक्रमण को सख्ती के साथ हटाया जाए। विशेष रूप से लखनदेई नदी के बीचो-बीच किए गए अवैध निर्माण पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने नगर आयुक्त को हिदायत देते हुए कहा कि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि इस मामले में किसी प्रकार की बहानेबाजी स्वीकार नहीं होगी। बैठक में एलपीजी एजेंसियों, पीडीएस दुकानों, एसएफसी एवं पैक्स गोदामों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त अवैध नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटर एवं पैथोलॉजिकल लैब्स पर औचक निरीक्षण कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। उर्वरक दुकानों पर नियमित छापेमारी, शराब माफियाओं पर सख्त कार्रवाई तथा अवैध खनन की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने सर्टिफिकेट केसों में वसूली एवं वारंट निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही जिले में दाल एवं गेहूं के थोक विक्रेताओं की जांच करने को कहा गया। साइबर कैफे की गतिविधियों पर भी सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। आईसीडीएस की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया गया कि 30 अप्रैल तक शत-प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। जिला शिक्षा पदाधिकारी को निजी विद्यालयों की जांच में तेजी लाने तथा मानक के विरुद्ध संचालित विद्यालयों पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने पंचायत सरकार भवनों की जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही सभी अधिकारियों को जनता के कॉल एवं संदेशों का समय पर उत्तर देने के लिए स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया। बैठक के दौरान बथनाहा प्रखंड के बीडीओ के कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर उन्हें कड़ी फटकार लगाई गई तथा स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया गया।






