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राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी राज्य स्तरीय रैंकिंग में एक बार फिर पारू अंचल नंबर वन स्थान पर बरकरार, डीएम ने अन्य अंचलों को प्रेरणा लेने और राजस्व कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने का दिया निर्देश

सभी 373 पंचायत में लगेंगे सहयोग शिविर, डीएम-एसपी से लेकर तमाम अधिकारी करेंगे शिरकत, मामलों का मिशन मोड में होगा निष्पादन

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २० अप्रैल

जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में मुजफ्फरपुर समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिला एवं प्रखंड स्तर के सभी अधिकारियों को पूरी जवाबदेही, निष्ठा और पारदर्शिता के साथ जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी कार्यों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग अपने-अपने लक्ष्यों के विरुद्ध शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करें। बैठक के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार से जुड़े मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि जिले के पारु अंचल ने राज्य स्तरीय  रैंकिंग में विजय अभियान जारी रखते हुए  पुन: प्रथम स्थान प्राप्त किया है। पारु अंचल ने परिमार्जन प्लस में 90.54 प्रतिशत, म्यूटेशन में 95.89 प्रतिशत तथा अभियान बसेरा-2 में 94.32 प्रतिशत की प्रभावशाली उपलब्धि दर्ज की है। इस शानदार प्रदर्शन पर जिलाधिकारी ने अंचलाधिकारी पारू एवं उनकी टीम की सराहना की और अन्य अंचलों को भी इससे प्रेरणा लेकर जमीन से जुड़े मामलों का शत-प्रतिशत निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों में पारदर्शिता और गति दोनों जरूरी हैं, जिससे आम जनता को त्वरित राहत मिल सके। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को अपने-अपने कार्यालयों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और जनता से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आगामी तीन महीनों के भीतर सभी लंबित मामलों का नियमानुसार निष्पादन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। कोई भी आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए सभी विभागों को मिशन मोड में कार्य करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने अंचलाधिकारी, डीसीएलआर, अनुमंडल पदाधिकारी तथा अपर समाहर्ता (राजस्व) को नियमित रूप से कोर्ट चलाने और मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया।  बैठक में कानून-व्यवस्था एवं राजस्व से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि जिले में की जा रही विभिन्न कार्रवाईयों की प्रतिदिन रिपोर्ट 30 अप्रैल तक सरकार को भेजी जानी है। इसमें अवैध खनन, कालाबाजारी, धान गबन, जेल छापेमारी, अतिक्रमण हटाने, वाहनों की जांच एवं जुर्माना वसूली, अवैध शराब के उत्पादन, बिक्री एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। इन सभी गतिविधियों की निगरानी के लिए जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को नोडल पदाधिकारी तथा जिला नजारत पदाधिकारी को सहायक नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है। दोनों अधिकारियों को प्रतिदिन की कार्रवाई का समेकित प्रतिवेदन तैयार कर समय पर सरकार को भेजने का दायित्व सौंपा गया है। जनता की समस्याओं के समाधान को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने जिले के सभी 373 पंचायतों में विशेष सहयोग शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया है। इस योजना के तहत प्रत्येक पंचायत में 15 दिनों तक आवेदन लिए जाएंगे, जबकि शिविर के दिन केवल पूर्व में प्राप्त आवेदनों का ही निष्पादन किया जाएगा। उस दिन कोई नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। शिविर में संबंधित शिकायतकर्ताओं को उनके मामलों की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि इन शिविरों में स्वयं जिला पदाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी भाग लेंगे, जिससे समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जा सके। जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना प्रक्रिया को गति देने पर भी विशेष बल दिया गया। जिलाधिकारी ने  स्वयं 17 अप्रैल को अपने मोबाइल के माध्यम से स्व-गणना कर जिले में इस अभियान की विधिवत शुभारंभ की है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने विभाग के कर्मचारियों की स्व-गणना सुनिश्चित करें तथा आम लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। जीविका दीदियों, पैक्स सदस्यों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, विकास मित्रों, नगर निकाय कर्मियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्व-गणना की गति बढ़ाने और आगामी बैठकों में प्रखंडवार प्रगति की समीक्षा करने की बात कही गई। गर्मी के मौसम को देखते हुए जिले में पेयजल आपूर्ति की स्थिति पर भी गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने पीएचईडी के कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चापाकलों एवं नल-जल योजनाओं की नियमित निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी पानी की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि कोई भी चापाकल खराब नहीं रहना चाहिए और हर घर तक नल का जल सुचारू रूप से पहुंचना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण कर पंचायत एवं वार्ड स्तर पर जल आपूर्ति की स्थिति का आकलन करने और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारियों को बीपीआरओ एवं कनीय अभियंताओं के साथ नियमित साप्ताहिक बैठक करने और जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा गया। बैठक में बिजली भुगतान एवं ऑपरेटरों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई और आवश्यक सुधार लाने के निर्देश दिए गए। शहरी क्षेत्रों में नगर निकायों को निर्देश दिया गया कि वे आम जनता के लिए जगह-जगह पर प्याऊ की व्यवस्था करें, ताकि भीषण गर्मी में लोगों को राहत मिल सके। पीएम सूर्य घर की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधीक्षण अभियंता को अपने अधीनस्थ कार्यपालक अभियंता सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता द्वारा किए जा रहे कार्यों की सतत निगरानी करने तथा शत-प्रतिशत लाभुकों के घरों में  सोलर पैनल अधिष्टतापित करने को कहा। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कार्यों में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी, जबकि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनता को त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है, और इसके लिए सभी को मिलकर समर्पण के साथ कार्य करना होगा।

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