बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG) की पहली उच्चस्तरीय बैठक आयोजित
क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में गैस आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए, अवैध भंडारण व कालाबाजारी पर सख्ती के निर्देश

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ३० मार्च
बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG) की पहली उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का आयोजन पश्चिम एशिया (West Asia) में चल रहे युद्ध के कारण उत्पन्न होने वाली संभावित आपात स्थितियों और आपूर्ति श्रृंखला (supply chain) पर पड़ने वाले प्रभावों की समीक्षा के लिए किया गया था। राज्य में रसोई गैस की सुचारू आपूर्ति, पारदर्शी वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा अवैध भंडारण एवं कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से मुख्य सचिव की अध्यक्षता में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की राज्य स्तरीय उच्चस्तरीय बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई बैठक में विधि-व्यवस्था बनाये रखते हुए जरूरतमंद उपभोक्ताओं एवं आवश्यक सेवाओं की नियमित और निर्वाध गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। बैठक में मुजफ्फरपुर जिले से जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन, वरीय पुलिस अधीक्षक कान्तेश कुमार मिश्रा, उप-विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम, नगर आयुक्त ऋतूराज प्रताप सिंह, जिला जनसम्पर्क अधिकारी प्रमोद कुमार सहित खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, आपदा, विधि व्यवस्था, पुलिस सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने वर्तमान आपूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट रूप से कहा कि घरेलू गैस उपभोक्ताओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता या मनमानी बर्दाश्त नहीं करें। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने जिलों में गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली की नियमित मॉनिटरिंग करें और वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करें। बैठक में अवैध भंडारण और कालाबाजारी पर नियंत्रण हेतु नियमित निरीक्षण एवं निगरानी करने को कहा। मुख्य सचिव ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को संयुक्त रूप से छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाये। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में आम जनता को कृत्रिम संकट का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए सतत निगरानी आवश्यक है। इसके अलावा, आवश्यक सेवाओं जैसे अस्पताल, होटल, सामुदायिक रसोई एवं अन्य संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो तथा आम जनजीवन प्रभावित न हो। बैठक के उपरांत जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले में गैस आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था को पूरी तरह व्यवस्थित रखा जाये। उन्होंने सभी एजेंसियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर उपभोक्ताओं तक गैस पहुंचाने तथा अधिकारियों को नियमित प्रभावी मॉनिटरिंग करने तथा शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा।जिलाधिकारी ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे गैस की कालाबाजारी या अवैध भंडारण से संबंधित किसी भी सूचना को तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। बैठक में एजेंसियो और संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को बिना किसी बाधा के गैस की उपलब्धता सुनिश्चित हो और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।






