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ईद, रामनवमी व छठ पर्व के शांतिपूर्ण आयोजन हेतु डीएम-एसएसपी ने की समीक्षा बैठक

त्योहारों के मद्देनज़र प्रशासन अलर्ट, शांति और सुरक्षा पर विशेष जोर, जुलूस, यातायात व कानून-व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १७ मार्च

आगामी ईद, रामनवमी एवं छठ पर्व के शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में जिले के सभी प्रखंडों से प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष वर्चुअल माध्यम से जुड़े और अपने-अपने क्षेत्रों की तैयारियों की जानकारी दी। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक अविलंब आयोजित कर लें और स्थानीय स्तर पर  आपसी समन्वय को मजबूत बनाएं। उन्होंने साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया, ताकि त्योहारों के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो साथ ही, उन्होंने कहा कि रामनवमी के अवसर पर निकलने वाले जुलूसों के संबंध में विशेष सतर्कता बरती जाए। प्रत्येक थाना क्षेत्र से निकलने वाले जुलूसों की संख्या, मार्ग एवं समय का विस्तृत विवरण तैयार कर सूचीबद्ध किया जाए तथा उसकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी श्री सेन ने अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी एवं पश्चिमी को निर्देशित किया कि जुलूसों के लिए जारी किए जाने वाले लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता एवं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नदी एवं तालाबों के किनारे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने, नाव एवं गोताखोरों की तैनाती करने तथा सतत निगरानी रखने के निर्देश भी दिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। वरीय पुलिस अधीक्षक श्री मिश्रा ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए असामाजिक तत्वों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष चौकसी बरती जाए तथा पुलिस की नियमित गश्ती बढ़ाई जाए। इसके अतिरिक्त, भूमि विवाद से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए प्रत्येक शनिवार को अंचल स्तर पर सुनवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इसमें संबंधित थानाध्यक्ष की अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है। इस कार्य की निगरानी अनुमंडल पदाधिकारी एवं संबंधित पदाधिकारियों द्वारा की जाएगी। बैठक में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से संबंधित मामलों की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि इन मामलों से संबंधित प्रतिवेदन समयबद्ध तरीके से प्रेषित किए जाएं, ताकि किसी प्रकार की लापरवाही न हो। सड़क सुरक्षा को लेकर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में पूर्व में चिन्हित सभी ब्लैक स्पॉट पर आवश्यक सुधारात्मक कार्य किए जा चुके हैं। इन स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल, रंबल स्ट्रिप, स्पीड ब्रेकर एवं आवश्यक साइनेज लगाए गए हैं। इसके अलावा, चार नए ब्लैक स्पॉट की पहचान की गई है, जिन पर शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी ने सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों को शीघ्र राहत प्रदान करने के लिए हिट एंड रन मामलों में मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया साथ ही, उन्होंने ‘गुड सेमेरिटन’ योजना के तहत आम नागरिकों को जागरूक एवं प्रोत्साहित करने पर बल दिया। इस योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को तत्काल सहायता पहुंचाने तथा उन्हें अस्पताल तक ले जाने वाले व्यक्तियों को ₹10,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने मोटर वाहन अधिनियम के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही सघन वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए जुर्माना वसूलने पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, संवेदनशीलता एवं सतर्कता बनाए रखने तथा आम जनता के सहयोग से सभी पर्वों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने की अपील की।

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