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महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय (MGCU) में ‘एजुकेशन कॉन्क्लेव 2026: इंडिया ट्रांसफॉर्मेटिव एजुकेशनल रेजोल्यूशन’ आयोजित

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत शिक्षा में आमूल-चूल परिवर्तन और भारत को एक नॉलेज हब के रूप में विकसित करना है- प्रो.दिनेश चंद्र राय, कुलपति, बीआरएबीयू

ध्रुव कुमार सिंह, मोतिहारी, बिहार, २८ फ़रवरी  

महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय (MGCU) मोतिहारी में ‘एजुकेशन कॉन्क्लेव 2026: इंडिया ट्रांसफॉर्मेटिव एजुकेशनल रेजोल्यूशन’ का आयोजन किया। महात्मा गाँधी प्रेक्षागृह में आयोजित इस एक दिवसीय कार्यक्रम में एनईपी 2020, भारतीय ज्ञान प्रणालियों, नवाचार और कौशल विकास के माध्यम से उच्च शिक्षा के भविष्य पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में पूर्व कुलपति प्रो.हरिकेश बहादुर सिंह, प्रो.आर.एस. दुबे, प्रो.पीयूष रंजन अग्रवाल, प्रो.जी.सी.आर. जायसवाल, प्रो.सुनैना सिंह, प्रो.डी.के. श्रीवास्तव (यूजीसी के पूर्व उपाध्यक्ष) और प्रो. रणजीत वर्मा सहित देश भर से 50 से अधिक कुलपति, नीति-निर्माता, शिक्षाविद् और उद्योग प्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सह स्थानीय सांसद राधा मोहन सिंह ने शिक्षा को राष्ट्र नीति से जोड़ते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण की शक्ति बताया। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.संजय श्रीवास्तव सह कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय (एमजीसीयू), मोतिहारी द्वारा आयोजित ‘शिक्षा सम्मेलन-2026’ के उद्घाटन सत्र में अपने ज्ञानवर्धक विचार प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सह बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.दिनेश चंद्र राय ने भारत की परिवर्तनकारी शैक्षिक क्रांति के रोडमैप और विकसित भारत के निर्माण में भारतीय ज्ञान प्रणाली की केंद्रीय भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रो.राय नें कहा की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत शिक्षा में आमूल-चूल परिवर्तन और भारत को एक नॉलेज हब के रूप में विकसित करना है। कुलपति प्रो.राय नें कहा की ‘एजुकेशन कॉन्क्लेव का प्रमुख बिंदु शिक्षा में तकनीक के समावेश, भारतीय ज्ञान परंपरा, नवाचार, कौशल आधारित शिक्षा और ‘विकसित भारत’ के निर्माण पर केंद्रित है। आयोजन में प्रतिष्ठित अकादमिक और शिक्षाविदों ने भाग लिया, जिसका उद्देश्य नीति, उद्योग और अकादमिक जगत के बीच संवाद स्थापित करना था। आयोजन समिति के अध्यक्ष सह केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी के प्रो.बृजेश पांडे नें कार्यक्रम का संचालन किया.

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