एईएस/जेई को लेकर डीएम ने की बैठक: एलर्ट, एक्टिव रहने तथा सभी आवश्यक तैयारी प्रभावी रूप से स-समय पूरा करने का सख्त निर्देश
एईएस एवं जेई की रोकथाम, जागरूकता एवं प्रभावी उपचार व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २५ फ़रवरी
एईएस एवं जेई की रोकथाम, जागरूकता एवं प्रभावी उपचार व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में मुजफ्फरपुर समाहरणालय सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप- विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम, परीक्ष्यमान समाहर्ता प्रेम कुमार, सिविल सर्जन डॉ.अजय कुमार, जिला जनसम्पर्क अधिकारी प्रमोद कुमार सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।।बैठक में सभी संबंधित विभागों को समन्वित रणनीति के तहत अलर्ट मोड में कार्य करने का सख्त निर्देश दिया गया, ताकि जिले में पूर्व वर्षों की तरह शून्य मृत्यु दर की उपलब्धि को कायम रखा जा सके। जिलाधिकारी ने जीविका, आईसीडीएस एवं स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त रूप से पूरी टीम का गठन कर सक्रिय एवं तत्पर होकर कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एईएस/जेई जैसी संवेदनशील बीमारी से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर सजगता, त्वरित सूचना तंत्र और प्रभावी प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने प्रखंड में प्रखंड स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मियों के साथ बैठक करें, उन्हें समुचित प्रशिक्षण देकर सभी एहतियाती उपायों की पूरी जानकारी दें तथा क्षेत्र भ्रमण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करें। आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को प्रत्येक परियोजना का भ्रमण कर महिला पर्यवेक्षिका, आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका के साथ बैठक करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों एवं अभिभावकों तक समय पर सही जानकारी पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। कुपोषण की रोकथाम, बच्चों को खाली पेट न रहने देने तथा तेज बुखार या लक्षण दिखते ही तत्काल अस्पताल पहुंचाने के संदेश को घर-घर तक पहुंचाया जाए। इसी प्रकार जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक को निर्देश दिया गया कि वे सभी प्रखंडों में भ्रमण कर जीविका दीदियों के साथ बैठक करें और उन्हें एहतियाती उपायों, लक्षणों की पहचान तथा संदिग्ध मरीज की सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को देने की प्रक्रिया से अवगत कराएं। जीविका समूहों को जागरूकता अभियान का मजबूत माध्यम बनाते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। स्वास्थ्य व्यवस्था की सुदृढ़ता को लेकर जिलाधिकारी ने एसकेएमसीएच के अधीक्षक एवं सदर अस्पताल के सिविल सर्जन को अपने स्तर से विशेष टीम गठित कर समुचित प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया। अस्पतालों में बेड, दवाएं, उपकरण, चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आपातकालीन स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी रखने को कहा गया। सिविल सर्जन को सभी अस्पतालों को अलर्ट मोड में रखने, वर्क प्लान के अनुरूप ड्यूटी रोस्टर तैयार करने एवं स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। शिक्षा विभाग को भी एक्शन मोड में कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा गया कि विद्यालयों के माध्यम से बच्चों एवं अभिभावकों को जागरूक किया जाए। शिक्षकों को एईएस के लक्षणों की जानकारी दी जाए ताकि विद्यालय स्तर पर किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत सूचना दी जा सके। जिलाधिकारी ने त्वरित सूचना एवं समन्वय के लिए व्हाट्सएप ग्रुप सृजित कर उसे सक्रिय रखने तथा कंट्रोल रूम गठित कर 24×7 क्रियाशील एवं मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी सूचना पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बना रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि विगत तीन वर्षों में जिले में एईएस से एक भी मृत्यु नहीं हुई है, जो सभी विभागों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए सभी अधिकारियों को सजग, सक्रिय एवं तत्पर रहकर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी गंभीरता से करें। जिला जनसम्पर्क अधिकारी प्रमोद कुमार नें बताया की एईएस जागरूकता अभियान के तहत सप्ताहवार कार्ययोजना भी निर्धारित की गई है। इसके अंतर्गत सोमवार एवं गुरुवार को प्रभात फेरी के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। मंगलवार को महादलित टोले में महिला पर्यवेक्षिका एवं आंगनबाड़ी सेविका द्वारा गृह भ्रमण कर परिवारों को जागरूक किया जाएगा। बुधवार एवं शनिवार को पंचायत स्तर पर संध्या चौपाल आयोजित कर सामुदायिक संवाद के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। शुक्रवार को वीएचएसएनडी (VHSND) के अवसर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक पंचायत में संध्या चौपाल के आयोजन हेतु अलग-अलग अधिकारियों की तैनाती कर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। श्री कुमार नें कहा की बैठक में एईएस की रोकथाम, जागरूकता, उपचार एवं समन्वय तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई तथा समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया।






