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भू-अर्जन और भुगतान में तेजी लाने को डीएम की सख्त समीक्षा, 17 प्रमुख परियोजनाओं के भू-अर्जन व भुगतान कार्यों की गहन पड़ताल

रैयतों को समयबद्ध भुगतान और परियोजनाओं की शीघ्र पूर्णता पर डीएम का फोकस

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ०३ जनवरी

मुजफ्फरपुर जिले में आधारभूत संरचनाओं के अंतर्गत संचालित वृहद परियोजनाओं के निर्माण कार्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन के मार्गदर्शन में भू-अर्जन एवं रैयतों को भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है। मुजफ्फरपुर समाहरणालय में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला पदाधिकारी ने जिले की विभिन्न प्रमुख परियोजनाओं के लिए अर्जित भूमि तथा भुगतान की अद्यतन स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी शालिग्राम साह, अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी तथा भू-अर्जन कार्यालय के अधिकारी और कर्मी मौजूद थे। बैठक में बताया गया कि मुजफ्फरपुर जिले में कुल 17 परियोजनाएं प्रक्रियाधीन हैं, जिनके भू-अर्जन और भुगतान की स्थिति पर विशेष फोकस किया जा रहा है। समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग 139W के मानिकपुर–साहेबगंज खंड, आदिलवाड़ी–मानिकपुर खंड तथा बागमती विस्तारीकरण परियोजना पर विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों ने अवगत कराया कि मानिकपुर–साहेबगंज खंड के लिए कुल 403 करोड़ रुपये में से 308 करोड़ रुपये का भुगतान रैयतों को किया जा चुका है। वहीं आदिलवाड़ी–मानिकपुर खंड में 23 करोड़ रुपये में से 13 करोड़ रुपये का भुगतान संबंधित रैयतों के बीच किया गया है। बागमती विस्तारीकरण परियोजना के अंतर्गत प्राप्त 106 करोड़ रुपये की राशि में से 44 करोड़ रुपये का भुगतान रैयतों को किया जा चुका है। जिला पदाधिकारी ने इन परियोजनाओं में शेष भुगतान को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। जिला पदाधिकारी ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि भू-अर्जन एवं भुगतान प्रक्रिया में और तेजी लाई जाए। रैयतों की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर शिविर आयोजित करने, अंचलाधिकारी, राजस्व कर्मचारी तथा भू-अर्जन से जुड़े कर्मियों की प्रतिनियुक्ति कर आवश्यक दस्तावेजों का त्वरित संकलन सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो। बैठक में पारू औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए 700 एकड़ भूमि के भू-अर्जन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सामाजिक प्रभाव आकलन (SIA) का प्रारूप प्रतिवेदन प्राप्त हो चुका है। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि जनसुनवाई की तिथि शीघ्र निर्धारित की जाए, जिसमें रैयतों, जनप्रतिनिधियों, संबंधित पदाधिकारियों, एसआईए एजेंसी तथा आम नागरिकों से सुझाव एवं फीडबैक प्राप्त किया जाए। प्राप्त विचारों की समीक्षा के उपरांत आवश्यक अग्रेत्तर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। यह भू-अर्जन पारू अंचल अंतर्गत चांदपुर चिउटाड़ा, चतुरपट्टी, भोजपट्टी, बिशनपुर और सरैया मौजा में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जगन्नाथ मिश्रा कॉलेज के पास बूढ़ी गंडक नदी पर पहुंच पथ सहित आरसीसी पुल निर्माण हेतु भू-अर्जन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इस परियोजना में फेज-वन के अंतर्गत चंदवारा चादर नंबर एक एवं दो, नाजिरपुर तथा चकमोहब्बत शामिल हैं, जबकि फेज-टू के अंतर्गत चक मोहब्बत, भगवतीपुर और चकमुस्तफा उर्फ सिपाहपुर से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। जिला पदाधिकारी ने कहा कि सभी परियोजनाएं जिले के विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इनके समयबद्ध पूर्ण होने से आवागमन, औद्योगिक विकास तथा आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। जिला प्रशासन रैयतों के हितों की रक्षा करते हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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