बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) के मनोविज्ञान विभाग में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर ‘रियल वॉइस, रियल चेंज’ (Real Voice, Real Change) विषय पर सेमिनार आयोजित

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १० अक्टूबर
बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) के मनोविज्ञान विभाग में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर ‘रियल वॉइस, रियल चेंज’ (Real Voice, Real Change) विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सह विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्ष (छात्र कल्याण) प्रो. आलोक प्रताप सिंह ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने से ही समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है। प्रो.सिंह नें कहा की इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं और शोधार्थियों के बीच मानसिक स्वास्थ्य और उससे जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। संकायाध्यक्ष प्रो.सिंह नें कहा की मनुष्य के संतुलित एवं सर्वांगीण विकास के लिए मानसिक रूप से स्वस्थ रहना आवश्यक है। शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी समान रूप से ध्यान देने की जरूरत है। मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति ही अपने जीवन की चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकता है और समाज में सकारात्मक योगदान दे सकता है। सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष प्रो.रजनीश कुमार गुप्ता ने छात्रों को अपनी मानसिक समस्याओं, तनाव या अवसाद पर खुलकर बात करने और सही समय पर विशेषज्ञों की मदद लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मानसिक समस्याओं के समाधान के लिए संवाद, आपसी सहयोग और समझ विकसित करना जरूरी है। जब व्यक्ति अपनी परेशानियों को साझा करता है और दूसरे लोग उसकी बातों को गंभीरता से सुनते हैं, तभी समस्या के समाधान की दिशा में सार्थक पहल संभव होती है। इस अवसर पर डॉ.राकेश कुमार पाल, डॉ.पयोली, डॉ.रूपा श्री जमुआर, डॉ.ऋतू कुमारी, डॉ.किरण, गुंजा, सौरभ, अंतरा, राजा, छोटन, आदित्य, शुभम एवं दिलीप बैठा सहित बड़ी संख्या शोधार्थियों (Research Scholars) और छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ.विकास कुमार ने किया, जबकि प्रो.आभा रानी सिन्हा और डॉ.सुनीता कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी सभी का ध्यान आकर्षित किया। पवन एवं स्वर्णा ने कविता पाठ किया, जबकि शुभम ने गायन प्रस्तुत कर कार्यक्रम को रोचक बनाया।






