जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन, निर्माण कार्य में मानकों के अनुपालन तथा सुदृढ़ समन्वय हेतु बैठक का आयोजन

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ०४ नवम्बर
जिलाधिकारी कुमार गौरव की अध्यक्षता में मुजफ्फरपुर शहरी क्षेत्र एवं इसके आसपास विभिन्न योजनाओं/ परियोजनाओं के कार्यान्वयन, निर्माण कार्य में सभी संबंधित विभागों द्वारा मानकों के अनुपालन एवं सुदृढ़ समन्वय हेतु एक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक मो. मोहिबुल्लाह अंसारी, अनुमंडल पदाधिकारी, पूर्वी तुषार कुमार एवं पश्चिमी स्नेहा कुमारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारीगण, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, वरीय ऑपरेशन मैनेजर आइओसीएल, वरिष्ठ प्रबंधक शहरी गैस वितरण इकाई, जिला अग्निशमन पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता पथ निर्माण विभाग, भवन निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, एलएइओ, परियोजना निदेशक एनएचएआइ, परियोजना निदेशक बुडको, उप महाप्रबंधक बियाडा, जिला योजना पदाधिकारी सहित विभिन्न तकनीकी एवं सिविल विभागों के अभियंता व पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि पाइपलाइन परिसर में तीसरे पक्ष/ निर्माण एजेंसी की गतिविधियों की अनुमति के लिए आइओसीएल के एसओपी का शत-प्रतिशत अनुपालन अनिवार्य है। उन्होंने पदाधिकारियों को सख़्त हिदायत दी कि भविष्य में बिना एसओपी का पालन किए हुए पीएनजी परिसर में किसी भी अन्य विभाग द्वारा सड़क की खुदाई का कार्य नहीं किया जाए। आइओसीएल के अधिकारी की उपस्थिति एवं पर्यवेक्षण अनिवार्यतः सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने आइओसीएल के वरिष्ठ प्रबंधक को पीएनजी के आच्छादन के संबंध में ले-आउट प्लान एवं पाइपलाइन परिसर में तीसरे पक्ष की गतिविधियों की अनुमति के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) सभी संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के साथ साझा करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि कार्य शुरू करने से पहले, कार्य के दौरान एवं कार्य पूर्ण होने पर निर्धारित एसओपी का सभी स्टेकहोल्डर्स अनिवार्यतः अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क की खुदाई के समय पीएनजी साइट्स पर आइओसीएल का इमरजेंसी रिस्पाॅन्स व्हीकल/आकस्मिक टीम अवश्य रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि पाइप्ड नेचुरल गैस आच्छादन क्षेत्र/ परिसर में सड़कों पर कार्यों के संचालन हेतु एक समन्वय समिति गठित की गई है। इस समिति में आईओसीएल, नगर निगम, पथ निर्माण विभाग, भवन निर्माण विभाग, बुडको, टेलीकाॅम, विद्युत सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया है। समन्वय समिति की स्वीकृति के बिना पीएनजी आच्छादन क्षेत्रों में सड़कों पर किसी भी निर्माण कार्य की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि पीएनजी परिसर में किसी भी अन्य विभाग द्वारा सड़क की खुदाई का कार्य संबंधित विभाग के कनीय अभियंता के स्थल पर उपस्थिति तथा आइओसीएल के अधिकारी के पर्यवेक्षण में ही किया जाएगा। उन्होंने अभियंताओं को निर्देश दिया कि पथ निर्माण विभाग, भवन निर्माण विभाग, बुडको, नगर निगम, टेलीकाॅम, विद्युत सहित किसी भी तकनीकी विभाग या निर्माण एजेंसी द्वारा सड़कों पर किसी भी तरह की खुदाई का कार्य बिना आइओसीएल के अधिकारी की उपस्थिति एवं पर्यवेक्षण के नहीं किया जायेगा। जिलाधिकारी द्वारा सभी कार्य एजेंसियों को चेतावनी दी गई कि जॉइंट फिजिबिलिटी सर्वे, वर्क पर्मिट एवं आईओसीएल प्रतिनिधि की उपस्थिति सहित किसी भी अन्य प्रावधान के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा तथा निदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि अनुमंडल पदाधिकारी, पूर्वी को पाइप्ड नेचुरल गैस आच्छादन क्षेत्र/ परिसर में किसी भी निर्माण एजेंसी द्वारा किए जाने कार्यों के पर्यवेक्षण के लिए नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। वे सभी संबंधित अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर सुरक्षात्मक मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करायेंगे। जिलाधिकारी द्वारा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को थाना प्रभारियों के माध्यम से पाइपलाइन परिसर में तीसरे पक्ष/ निर्माण एजेंसी के कार्यों के समय लगातार गश्ती सुनिश्चित करवाने का निदेश दिया गया ताकि किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में तुरंत रिस्पांड किया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान में जिला में अधिष्ठापित डोमेस्टिक पाइप्ड नेचुरल गैस (डीपीएनजी) की सम्पूर्ण संरचना की उच्च स्तरीय सिक्योरिटी ऑडिट करायी जाएगी ताकि भविष्य में कोई दुर्घटना न हो। इसके लिए विभाग से पत्राचार किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि दिनांक 02 नवंबर, 2026 को गोबरसही-डुमरी सड़क पर नाला निर्माण के दौरान गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने एवं विस्फोट की घटना की जिला प्रशासन द्वारा उच्च-स्तरीय जांच कराई जा रही है। अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, मुजफ्फरपुर की अध्यक्षता में चार-सदस्यीय इंक्वायरी कमिटी गठित की गई है। इसमें अनुमंडल पदाधिकारी, मुजफ्फर पूर्वी; जिला अग्निशमन पदाधिकारी एवं भवन कार्यपालक अभियंता को शामिल किया गया है। समिति को विधिवत जाँच कर सारगर्भित, तथ्यपरक एवं विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि यह दुर्घटना किस परिस्थिति में एवं लापरवाही के कारण घटित हुई, इसे ध्यान में रखते हुए इसके विभिन्न पहलुओं की जाँच आवश्यक है। अतः जाँच कमिटी को निदेश दिया गया है कि इस घटना की विस्तृत जाँच करते हुए जाँच प्रतिवेदन अविलम्ब उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि समिति को यह भी निर्देश दिया गया है कि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटना न हो, के संबंध में आवश्यक सुझाव उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए एसओपी तैयार किया जाएगा जिसका दृढ़ता से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।






