बिहार विधान परिषद् के तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) समर्थित प्रत्याशी नरेंद्र प्रसाद सिंह ने 594 वोटों के अंतर से दर्ज की जीत

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २७ अक्टूबर
बिहार विधान परिषद् के 04-तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 की मतगणना मुजफ्फरपुर के MIT प्रशासनिक भवन में संपन्न हुई, जिसमें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) समर्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी नरेंद्र प्रसाद सिंह ने जीत दर्ज की है. विजेता नरेंद्र प्रसाद सिंह (BJP) को एलिमिनेशन राउंड के बाद कुल 2,945 वोट मिले. जबकि निकटतम प्रतिद्वंदी भूषण कुमार झा (निर्दलीय) को कुल 2,351 वोट प्राप्त हुए. नरेंद्र प्रसाद सिंह ने लगभग 594 वोटों के अंतर से जीत हासिल की. वहीँ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के उम्मीदवार सह निवर्तमान विधान पार्षद संजय कुमार सिंह 1,967 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे. इस निर्वाचन क्षेत्र के लिए 23 अक्टूबर 2026 को वोट डाले गए थे और वोटों की गिनती 27 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 बजे से शुरू हुई थी. मतगणना की शुरुआत से ही मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा। पहले दौर की प्रथम वरीयता के मतों की गिनती में डॉ.नरेंद्र प्रसाद सिंह (BJP) 1,877 मत, डॉ.संजय कुमार सिंह (CPI) 1,712 मत, भूषण झा (निर्दलीय) 1,545 मत, श्याम नंदन राय/यादव (जन सुराज):1,325 मत प्राप्त हुए. शुरुआती राउंड में तीसरे स्थान पर चल रहे निर्दलीय उम्मीदवार भूषण झा ने मतगणना आगे बढ़ने के साथ बड़ा उलटफेर किया। वे सीपीआई (CPI) के निवर्तमान एमएलसी संजय कुमार सिंह को पछाड़ते हुए दूसरे नंबर पर पहुंच गए। गौरतलब है कि भूषण झा को पहले प्रशांत किशोर की पार्टी ‘जन सुराज’ ने टिकट देने की चर्चा की थी, लेकिन बाद में उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और द्वितीय वरीयता की गिनती तक कड़ा मुकाबला पेश किया। तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बिहार के चार प्रमुख जिले—मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर शामिल हैं। इस क्षेत्र के माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक ही इसमें मतदाता होते हैं। इस सीट पर मिली जीत से भाजपा (NDA) ने विपक्ष के पास मौजूद सीट को अपनी झोली में डाल लिया है, क्योंकि इससे पहले यहां से वामपंथी दल (CPI) के संजय कुमार सिंह प्रतिनिधित्व कर रहे थे। इस जीत के साथ ही भाजपा और एनडीए खेमे में जश्न का माहौल है और नवनिर्वाचित सदस्य नरेंद्र प्रसाद सिंह ने इस जीत का श्रेय एनडीए के शीर्ष नेतृत्व और सरकार की नीतियों में शिक्षकों के विश्वास को दिया है.





