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डीएम ने मेथौरा पंचायत पहुंचकर विकास योजनाओं का किया निरीक्षण, नागरिकों को मिल रही सुविधाओं का लिया जायजा, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता एवं जनसुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर दिया जोर

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार

जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया डुमरा प्रखंड अंतर्गत मेथौरा पंचायत पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। मौके पर डीडीसी श्वेता भारती, निदेशक डीआरडीए राजेश भूषण, बीडीओ डुमरा तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान जिलाधिकारी ने पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति, उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं तथा आम नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने पंचायत सरकार भवन का अवलोकन किया तथा वहां नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सरकारी सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने पंचायत स्तर पर आम लोगों को सुलभ, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के महत्व पर बल दिया। पंचायत सरकार भवन को ग्रामीणों के लिए सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए इसके प्रभावी संचालन की आवश्यकता पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने पंचायत में संचालित आंगनवाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्र के माध्यम से बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण, बेहतर संचालन और बच्चों के हित में संचालित सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित किया। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने गोवर्धन योजना के तहत निर्मित संरचना का निरीक्षण कर इसकी स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने योजना के उद्देश्यों के अनुरूप परिसंपत्तियों के उपयोग एवं उनके प्रभावी संचालन के महत्व पर बल दिया। साथ ही, वी.बी.-जी.आर.ए.एम.जी. योजना के अंतर्गत संचालित प्लांटेशन कार्य का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पौधरोपण से संबंधित कार्यों की प्रगति का जायजा लिया तथा पर्यावरण संरक्षण एवं ग्रामीण क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में ऐसे कार्यों की उपयोगिता को रेखांकित किया। इसके अतिरिक्त डीएम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री सुल्तानिया ने कहा कि “सरकार की विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ लक्षित लाभुकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे। पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करने का उद्देश्य उनके क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का आकलन करना तथा आम नागरिकों को उपलब्ध सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। सभी संबंधित विभागों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, उपलब्ध संसाधनों के समुचित उपयोग तथा नागरिकों को सुलभ एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रति सजग रहना चाहिए।

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