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श्रावणी मेला के सफल, सुरक्षित एवं सुचारु आयोजन हेतु डीएम एवं एसएसपी नें संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक एवं श्रद्धालुओं के आवागमन मार्ग का निरीक्षण कर तैयारियों का लिया जायजा

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार ०२ जुलाई

श्रावणी मेला 2026 के सफल, सुरक्षित एवं सुचारु आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी कुमार गौरव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश मिश्रा ने मुजफ्फरपुर समाहरणालय सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर मेले की तैयारियों का जायजा लिया तथा सभी विभागों को समयबद्ध ढंग से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक के उपरांत जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने स्वयं फकुली मोड़ से बाबा गरीब नाथ मंदिर तक श्रद्धालुओं के आवागमन मार्ग का निरीक्षण किया तथा बाबा गरीब नाथ मंदिर परिसर पहुंचकर विभिन्न व्यवस्थाओं का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि श्रावण मास में जिले सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा गरीब नाथ मंदिर में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक एवं दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सभी व्यवस्था समय पर पूरी करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर एवं संपूर्ण मेला क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने पर्याप्त संख्या में बैरिकेडिंग, प्रवेश एवं निकास मार्गों का सुव्यवस्थित निर्धारण तथा श्रद्धालुओं के निर्बाध आवागमन की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। साथ ही पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने तथा भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा। यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं तथा आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने पार्किंग स्थलों का समुचित चयन, वाहनों की सुव्यवस्थित पार्किंग तथा आवश्यकतानुसार डायवर्जन योजना प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देने के लिए प्रमुख स्थलों पर सूचना एवं दिशा-निर्देश संबंधी संकेतक लगाने का भी निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने नियंत्रण कक्ष को पूरी अवधि के दौरान सक्रिय रखने तथा सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से त्वरित रूप से निपटने के लिए नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे कार्यरत रहे तथा आवश्यक संसाधन एवं कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मेला क्षेत्र एवं श्रद्धालुओं के विश्राम स्थलों पर पर्याप्त संख्या में मेडिकल कैंप स्थापित करने, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, एम्बुलेंस, आवश्यक दवाओं एवं जीवनरक्षक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय रहे। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने फकुली मोड़ से बाबा गरीब नाथ मंदिर तक श्रद्धालुओं के आने-जाने वाले पूरे मार्ग को सुविधाजनक बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मार्ग में विभिन्न स्थानों पर स्वच्छ पेयजल, अस्थायी शौचालय, विश्राम स्थल तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा विद्युत आपूर्ति निर्बाध रखने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने तथा साफ-सफाई एवं नियमित कचरा निष्पादन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में जिलाधिकारी ने श्रावणी मेला के दौरान जनस्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने टीबी मुक्त भारत अभियान को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पर्याप्त संख्या में टीमों का गठन कर संभावित टीबी मरीजों की पहचान करने, उनकी आवश्यक जांच कराने तथा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को पूरी सक्रियता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा मरीजों को नियमित रूप से दवाएं उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रावणी मेला के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें तथा श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए समन्वित रूप से कार्य करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए श्रावणी मेला 2026 का सफल, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करना है।

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