वित्तीय अनियमितता और सरकारी राशि की अवैध निकासी के मामले में मुखिया को पदच्युत करने की प्रक्रिया शुरू करने, पंचायत सचिव को निलंबित करने और एफआईआर दर्ज करने के कड़े निर्देश जारी
यह कार्रवाई प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) की जांच में मुखिया द्वारा निजी इस्तेमाल के लिए ₹2.5 लाख से अधिक की नगद निकासी की पुष्टि के बाद हुई

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार, २८ अप्रैल
सीतामढ़ी के बोखड़ा प्रखंड अंतर्गत चकौती पंचायत में वित्तीय अनियमितता और सरकारी राशि की अवैध निकासी के मामले में मुखिया अशोक कुमार को पदच्युत करने की प्रक्रिया शुरू करने, पंचायत सचिव को निलंबित करने और एफआईआर दर्ज करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) की जांच में मुखिया द्वारा निजी इस्तेमाल के लिए ₹2.5 लाख से अधिक की नगद निकासी की पुष्टि के बाद हुई है। वित्तीय अनियमितता के आरोपों के बाद, जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मुखिया को पदच्युत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच में सरकारी राशि की अवैध निकासी और बिना व्यय विवरण के ₹1 लाख, ₹2 लाख तथा ₹50,000 के चेक से धन के निजी उपयोग के सबूत मिले हैं। जिला प्रशासन ने भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग को लेकर सख्त रुख अपनाने हुए बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा 18(5) के तहत मुखिया को हटाने की कार्यवाही शुरू की गई है। अनियमितता में संलिप्त पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है। डीएम रिची पाण्डेय ने पंचायत सचिव के विरुद्ध नीलामपत्र वाद दायर कर दो सप्ताह में राशि वसूली का निर्देश दिया है। बीडीओ (BDO) बोखड़ा द्वारा की गई जांच में भारी गड़बड़ी पाई गई, जिसमें विकास योजनाओं की राशि का दुरुपयोग पाया गया। जिला जनसम्पर्क अधिकारी कमल सिंह नें बताया की जांच में स्पष्ट हुआ कि मुखिया ने विभिन्न योजनाओं और ‘कार्यालय व्यय’ के नाम पर चेक के माध्यम से अवैध रूप से ₹1 लाख, ₹2 लाख और ₹50,000 की निकासी की, लेकिन इसका कोई खर्च विवरण नहीं दिया। बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 के तहत मुखिया को हटाने (पदच्युत करने) की प्रक्रिया शुरू की गई है। मिलीभगत के आरोप में पंचायत सचिव को निलंबित किया गया है और संबंधित थाना में सरकारी धन के दुरुपयोग के लिए एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। यह कार्रवाई पंचायत प्रशासन में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख दर्शाती है।



