यूपीएससी में चौथा रैंक पाने वाले राघव झुनझुनवाला को आयुक्त ने किया सम्मानित, युवाओं के रोल मॉडल के रूप में दिया सफलता का मंत्र
सिविल सेवा परीक्षा में चमका तिरहुत का सितारा, चौथा और दसवा रैंक हासिल कर किया बिहार का नाम रोशन

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ०८ मार्च
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में चौथा स्थान प्राप्त करने वाले राघव झुनझुनवाला को तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने अपने आवास पर आमंत्रित कर सम्मानित किया। इस अवसर पर आयुक्त ने राघव झुनझुनवाला को पुष्पगुच्छ, प्रतीक चिन्ह एवं अंग वस्त्र भेंट कर उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई दी तथा उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए आयुक्त श्री सिंह ने कहा कि तिरहुत प्रमंडल और बिहार के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि यहां के दो प्रतिभाशाली छात्रों ने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक सिविल सेवा परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरे प्रदेश का नाम राष्ट्रीय पटल पर रौशन किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मेधावी छात्र न केवल अपने परिवार, जिले एवं प्रमंडल के लिए बल्कि पूरे समाज एवं प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। यूपीएससी परीक्षा में चौथा रैंक हासिल करने वाले राघव झुनझुनवाला मुजफ्फरपुर के सरैयागंज निवासी स्व. नवीन झुनझुनवाला के पुत्र हैं। जबकि दसवां रैंक हासिल करने वाले छात्र वैशाली जिलांतर्गत बिदुपुर के दिलावरपुर निवासी उज्ज्वल प्रियांक हैं। आयुक्त ने कहा कि दोनों प्रतिभाशाली छात्रों ने अपनी लगन, मेहनत एवं दृढ़ संकल्प के बल पर यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आयुक्त ने कहा कि इन दोनों छात्रों की सफलता से न केवल तिरहुत प्रमंडल बल्कि पूरा बिहार गौरवान्वित हुआ है। आयुक्त श्री सिंह ने कहा कि यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। ऐसे में इन छात्रों का परिश्रम, धैर्य, अनुशासन और समर्पण प्रशंसनीय एवं अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि इनकी सफलता यह साबित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने के लिए निरंतर मेहनत की जाए, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने दोनों सफल छात्रों को युवाओं के लिए आदर्श बताते हुए कहा कि इनकी उपलब्धि से प्रदेश के हजारों युवाओं को प्रेरणा मिलेगी। अपने संबोधन में आयुक्त ने छात्रों के माता-पिता के योगदान को भी याद करते हुए कहा कि किसी भी बड़ी सफलता के पीछे परिवार का त्याग और संघर्ष महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने राघव झुनझुनवाला के माता के संघर्ष और उनके मार्गदर्शन को अनुपम एवं अप्रतिम बताते हुए उन्हें पूजनीय और वंदनीय कहा। इस दौरान राघव झुनझुनवाला ने भी अपनी सफलता की दास्तान साझा की। उन्होंने कहा कि जीवन में कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं होता, यदि व्यक्ति पूरी लगन, मेहनत और निरंतर प्रयास के साथ आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि सिविल सेवा की तैयारी करने वाले छात्रों को धैर्य, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ पढ़ाई करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि लगातार प्रयास ही अंततः सफलता दिलाता है। इस अवसर पर उपस्थित सूचना एवं जनसम्पर्क उप-निदेशक प्रमोद कुमार सहित सभी लोगों ने भी राघव झुनझुनवाला की उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।






