‘पुलिस पाठशाला’ ने रेड लाइट और स्लम इलाकों के मेधावी बच्चों को बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) का तोहफा देकर प्रदान की एक बेहतरीन आर्थिक सुरक्षा, एसबीआई ने सीएसआर के तहत दिए कंप्यूटर, ड्रेस और वाटर कूलर

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १७ मई
मुजफ्फरपुर जिले की ‘पुलिस पाठशाला’ ने रेड लाइट और स्लम इलाकों के मेधावी बच्चों को बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) का तोहफा देकर एक बेहतरीन आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। इस अनूठी पहल का उद्देश्य न केवल बच्चों को बचपन से बचत करने की आदत सिखाना है, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर ले जाना है। पुलिस पाठशाला में पढ़ने वाले बच्चों को बचत की आदत डालने के लिए पहले ‘गुल्लक बैंक’ की शुरुआत की गई थी। बच्चे अपनी छोटी-छोटी बचत इन गुल्लकों में जमा करते थे। बच्चों द्वारा जमा की गई धनराशि में ‘पुलिस पाठशाला’ और सहयोगियों की ओर से सहायता राशि जोड़ी गई। इसके बाद इन मेधावी बच्चों के नाम से बैंकों (जैसे भारतीय स्टेट बैंक) में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराए गए। वहीँ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने इस सराहनीय मानवीय पहल को मजबूती देने के लिए अपने कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के तहत सहयोग का हाथ बढ़ाया है। बैंक की ओर से पाठशाला के बच्चों के लिए आधुनिक कंप्यूटर, स्कूल ड्रेस, उच्च गुणवत्ता वाली पढ़ाई की सामग्री (स्टेशनरी) और भीषण गर्मी को देखते हुए शुद्ध एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने के लिए एक आरओ वाटर कूलर (RO Water Cooler) प्रदान किया गया। कन्हौली टीओपी परिसर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसबीआई के चीफ जनरल मैनेजर अनुराग जोशी और उनकी पत्नी पूजा जोशी शामिल हुईं। इस मौके पर नगर पुलिस अधीक्षक मोहिबुल्ला अंसारी, पुलिस उपाधीक्षक नगर सुरेश कुमार और एसडीपीओ टाउन-2 विनीता सिन्हा मौजूद रहे। मुख्य अतिथि श्री जोशी ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और वित्तीय साक्षरता की नींव रखने के उद्देश्य से उन्हें अपने हाथों से बैंक पासबुक सौंपी। बच्चों के नाम से खोले गए इन बैंक खातों और पासबुक को पाकर मासूमों के चेहरे खिल उठे। इस अवसर पर उन्होंने मुजफ्फरपुर पुलिस की इस ‘पुलिस पाठशाला’ की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि रेड लाइट एरिया और झुग्गी-झोपड़ियों के बच्चों को अपराध और दलदल से निकालकर शिक्षा की मुख्यधारा में लाना एक अत्यंत अनुकरणीय और पवित्र कार्य है। उन्होंने पूर्ण विश्वास और उम्मीद जताते हुए कहा कि इस पाठशाला से बुनियादी शिक्षा प्राप्त करने वाले ये होनहार बच्चे आने वाले समय में देश के बैंकिंग क्षेत्र के साथ-साथ प्रतिष्ठित सिविल सेवा (UPSC/BPSC) परीक्षाओं में भी अपनी सफलता का परचम लहराएंगे। नगर पुलिस अधीक्षक श्री अंसारी नें अपनें सम्बोधन में कहा की यह सहयोग बच्चों को उच्च शिक्षा और भविष्य की आपातकालीन जरूरतों के लिए आर्थिक संबल प्रदान करेगा। मुजफ्फरपुर के कन्हौली पुलिस नाका (टीओपी) में इस पाठशाला की शुरुआत वंचित, स्लम और रेड लाइट (चतुर्भुज स्थान) इलाके के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए की गई थी। यहां पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को पुलिसकर्मियों और शिक्षकों द्वारा स्वेच्छा से निःशुल्क पढ़ाया जाता है। बच्चों को पेन, पेंसिल और किताबों जैसी सभी आवश्यक अध्ययन सामग्री भी मुफ्त दी जाती है। इस पहल ने बच्चों के जीवन में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया है, जो अब शिक्षा के प्रति जागरूक हो रहे हैं। जो बच्चे कभी पुलिस के नाम से डरते थे, वे आज पुलिस अधिकारियों को देखते ही गर्व से ‘जय हिंद’ बोलते हैं. इस अवसर पर पुलिस उपाधीक्षक नगर सुरेश कुमार नें कहा की यह पाठशाला केवल पुलिस के डंडे का नहीं, बल्कि समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता का प्रतीक है. यहाँ बच्चों को न सिर्फ क ख ग घ और गणित (जैसे दो दूनी चार) सिखाया जाता है, बल्कि उन्हें अच्छे संस्कार, नैतिक शिक्षा भी प्रदान किया जाता है. इस अवसर पर अपनें संबोधन में एसडीपीओ टाउन-2 विनीता सिन्हा ने कहा की समय के साथ मुजफ्फरपुर पुलिस का यह अनूठा प्रयास अब एक बड़े सामाजिक अभियान का रूप ले चुका है। कन्हौली टीओपी की इस पुलिस पाठशाला में बच्चों को न केवल किताबी ज्ञान दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें नैतिक शिक्षा और समाज में एक सम्मानजनक जीवन जीने के तौर-तरीके भी सिखाए जा रहे हैं। इस अवसर पर स्थानीय बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी पुलिस और एसबीआई के इस संयुक्त प्रयास का स्वागत करते हुए कहा है कि यह मॉडल पूरे बिहार और देश के अन्य हिस्सों के लिए एक बेहतरीन मिसाल है।






