तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया अंचल में 50 साल पुरानी जमाबंदी को रद्द कर जमीन की हेराफेरी करने के बड़े फर्जीवाड़े के मामले में अपनाया बेहद सख्त रुख

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १७ अक्टूबर
तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया अंचल में 50 साल पुरानी जमाबंदी को रद्द कर जमीन की हेराफेरी करने के बड़े फर्जीवाड़े के मामले में बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने इस मामले को सामान्य भूमि विवाद न मानकर एक सोची-समझी साजिश और जमाबंदी फ्रॉड करार दिया है। आयुक्त श्री सिंह ने पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी (DM) को इस पूरे फर्जीवाड़े के दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी दंडात्मक व आपराधिक कार्रवाई (Criminal Proceedings) चलाने का निर्देश दिया है। गलत तरीके से शून्य की गई मूल जमाबंदी को तत्काल सुधार कर वास्तविक भूस्वामी के नाम पर दोबारा कायम करने को कहा गया है। आयुक्त ने प्रशासन से स्पष्ट करने को कहा है कि किस पदाधिकारी के आदेश पर यह 50 वर्ष पुरानी जमाबंदी शून्य की गई और किसी असंबद्ध व्यक्ति के नाम ऑनलाइन दर्ज की गई। उस अधिकारी का नाम और आदेश की प्रति भी तलब की गई है। मूल जमाबंदी 5 एकड़ 62.5 डिसमिल की थी, जबकि नई जमाबंदी सिर्फ 53 डिसमिल की बनाई गई है। आयुक्त ने सवाल उठाया है कि बाकी की शेष जमीन की जमाबंदी कहाँ गायब हो गई, इसे पूरी तरह स्पष्ट किया जाए। आयुक्त ने इस मामले में 5 प्रमुख बिंदुओं पर जवाब मांगा है और 21 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे तक विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। साथ ही जिलाधिकारी पश्चिम चंपारण, अपर समाहर्ता (राजस्व) और अंचल अधिकारी (CO) बेतिया को उसी दिन दोपहर 3 बजे सभी तथ्यों के साथ आयुक्त कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का कड़ा निर्देश दिया है। यह मामला बेतिया अंचल के मौजा व हल्का पूर्वी कर्गहिया की जमाबंदी संख्या-105 से जुड़ा है। परिवादी के पिता के नाम से 5 एकड़ 62.5 डिसमिल की जमीन 50 वर्षों से अधिक समय से दर्ज थी और वे लगातार लगान भी चुका रहे थे। लेकिन बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश के, राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से ऑनलाइन रिकॉर्ड में हेरफेर कर इस जमाबंदी को शून्य कर दिया गया और दूसरे व्यक्ति के नाम चढ़ा दिया गया। आयुक्त ने पूरे तिरहुत प्रमंडल के राजस्व अधिकारियों को चेतावनी दी है कि भूमि सुधार और राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।




