औद्योगिक विकास को गति देने, उद्योगपतियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने तथा प्रशासन–उद्योग समन्वय को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से डीएम की अध्यक्षता में “उद्योग वार्ता” आयोजित
उद्योग वार्ता से औद्योगिक विकास को मिल रहा नया आयाम

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ०५ फ़रवरी
मुजफ्फरपुर जिले में औद्योगिक विकास को गति देने, उद्योगपतियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने तथा प्रशासन–उद्योग समन्वय को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में “उद्योग वार्ता” का आयोजन आरटीडी कॉन्फ्रेंस हॉल, बेला औद्योगिक क्षेत्र, मुजफ्फरपुर में किया गया। उद्योग वार्ता में जिले के विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि, उद्यमी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। उद्योग वार्ता के क्रम में उपस्थित उद्योगपतियों द्वारा जिलाधिकारी की इस पहल की सराहना करते हुए बताया गया कि नियमित रूप से आयोजित की जा रही उद्योग वार्ता का सकारात्मक और दूरगामी प्रभाव मुजफ्फरपुर के औद्योगिक क्षेत्र पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उद्योगपतियों ने कहा कि प्रशासनिक सक्रियता और संवेदनशीलता के कारण वर्षों से चली आ रही कई समस्याओं का समाधान संभव हो सका है, जिससे औद्योगिक गतिविधियों में निरंतरता एवं विश्वास का वातावरण बना है। उद्योगपतियों ने विशेष रूप से बेला औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत ट्रिपिंग की समस्या के समाधान पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि पहले बार-बार विद्युत आपूर्ति बाधित होने से उत्पादन प्रभावित होता था, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। अब विद्युत ट्रिपिंग की समस्या लगभग समाप्त हो जाने से उत्पादन कार्य सुचारु रूप से संचालित हो रहा है। इसके लिए उन्होंने जिला पदाधिकारी के प्रति आभार प्रकट किया। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस द्वारा की जा रही सतत निगरानी एवं नियमित पैट्रोलिंग को लेकर भी उद्योगपतियों ने संतोष जताया। उद्योगपतियों ने कहा कि पुलिस की लगातार गश्ती और सतर्कता के कारण औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है, जिससे उद्यमियों में विश्वास बढ़ा है और निवेश के लिए अनुकूल माहौल बना है। उद्योग वार्ता के दौरान जिला पदाधिकारी को यह भी अवगत कराया गया कि सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होने से श्रमिकों एवं कर्मचारियों को भी सुरक्षित वातावरण मिल रहा है। बैठक के दौरान औद्योगिक इकाई के स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी हेतु उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला पदाधिकारी श्री सेन ने महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र को निर्देश दिया कि जिले में उपयुक्त स्थल को चिन्हित कर आवश्यक प्रस्ताव तैयार किया जाए, ताकि स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शनी एवं विपणन का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से न केवल उद्योगों को नया बाजार मिलेगा, बल्कि जिले की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। इसके अतिरिक्त औद्योगिक इकाइयों के उत्पादों को सरकारी विभागों से जोड़ने के संबंध में भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। जिला पदाधिकारी ने जीएम, डीआईसी को निर्देशित किया कि विभागीय एवं वित्तीय प्रावधानों के आलोक में नियमानुसार कार्रवाई करने हेतु संबंधित विभागों को पत्र भेजा जाए, ताकि स्थानीय औद्योगिक इकाइयों के उत्पादों का उपयोग सरकारी योजनाओं एवं विभागीय आवश्यकताओं में किया जा सके। उद्योग वार्ता के दौरान इकाइयों के स्वत्वाधिकारियों द्वारा कई अन्य मुद्दों को भी जिला पदाधिकारी के समक्ष रखा गया। इनमें प्रमुख रूप से मार्केटिंग से जुड़ी समस्याएं, औद्योगिक क्षेत्र में मनोरंजनात्मक गतिविधि के अभाव तथा औद्योगिक क्षेत्र स्थित तालाबों के जीर्णोद्धार की आवश्यकता शामिल रही। उद्यमियों ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों एवं कर्मचारियों के लिए मनोरंजन एवं विश्राम की सुविधाएं विकसित किए जाने से कार्यक्षमता एवं संतुष्टि दोनों में वृद्धि होगी। तालाबों के जीर्णोद्धार के विषय में उद्योगपतियों ने कहा कि इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र की स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण में भी सुधार होगा। जिला पदाधिकारी ने इन समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई हेतु समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए और आश्वासन दिया कि सभी सुझावों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। उद्योग वार्ता के के दौरान जिला पदाधिकारी श्री सेन ने कहा कि जिला प्रशासन उद्योगों के विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उद्योग वार्ता का उद्देश्य केवल समस्याएं सुनना नहीं, बल्कि उनके व्यावहारिक और समयबद्ध समाधान को सुनिश्चित करना है। उन्होंने उद्यमियों से भी अपील की कि वे अपनी समस्याओं एवं सुझावों को खुलकर साझा करें, ताकि मुजफ्फरपुर को औद्योगिक रूप से और अधिक सशक्त एवं विकसित जिला बनाया जा सके। जिला जनसम्पर्क अधिकारी प्रमोद कुमार नें बताया की उद्योग वार्ता के आयोजन से प्रशासन और उद्योग जगत के बीच संवाद और सहयोग को नई मजबूती मिली है, जो आने वाले समय में जिले के औद्योगिक विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।





