कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग के संयुक्त तत्वावधान में फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान का तृतीय चरण 2 फरवरी से 6 फरवरी तक सीतामढ़ी जिले के सभी पंचायतों में चलाया जाएगा विशेष अभियान

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार, ०१ फ़रवरी
कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग के संयुक्त तत्वावधान में फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान का तृतीय चरण 2 फरवरी 2026 से 6 फरवरी 2026 तक सीतामढ़ी जिले के सभी पंचायतों में विशेष अभियान के रूप में चलाया जाएगा। इस संबंध में जिलाधिकारी रिची पाण्डेय द्वारा प्रेस ब्रीफिंग कर अभियान की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपर समाहर्ता संजीव कुमार, जिला जनसंपर्क अधिकारी कमल सिंह एवं जिला कृषि पदाधिकारी शांतनु कुमार भी उपस्थित थे. जिलाधिकारी ने बताया कि इस विशेष अभियान के अंतर्गत हर पंचायत में किसानों की फार्मर आईडी/फार्मर रजिस्ट्री का कार्य किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि सहित अन्य कृषि योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी रूप से मिल सके। उन्होंने कहा कि अभियान के सफल संचालन हेतु कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार, राजस्व कर्मचारी एवं कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के कर्मियों को पंचायत स्तर पर तैनात किया गया है। इस कार्य की निरंतर समीक्षा प्रखंड स्तरीय नोडल पदाधिकारी द्वारा की जाएगी। प्रेस ब्रीफिंग में जिलाधिकारी ने बताया कि विभाग द्वारा पीएम किसान लाभार्थियों के 50 प्रतिशत लक्ष्य की उपलब्धि निर्धारित की गई है। जिले में अब तक कुल 1,08,000 (एक लाख आठ हजार) किसानों की फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी है, शेष लाभार्थियों को भी इस विशेष अभियान के दौरान अनिवार्य रूप से कवर किया जाएगा। जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे फार्मर आईडी बनवाने हेतु आधार कार्ड, जमीन का रसीद (एलपीसी/राजस्व रसीद) एवं मोबाइल नंबर साथ लेकर निर्धारित तिथि पर अपने पंचायत केंद्र पर अवश्य उपस्थित हों, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि फार्मर रजिस्ट्री किसानों के लिए अत्यंत आवश्यक है और इसके बिना भविष्य में कई योजनाओं का लाभ प्रभावित हो सकता है। इसलिए सभी किसान इस महा अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस अभियान को धरातल पर उतरने तथा मूर्त रूप देने की दिशा में जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि सभी प्रखंड के नोडल पदाधिकारी भी लगातार फील्ड विजिट कर इस कार्य को गति दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्य में लापरवाही पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों को एक अद्वितीय डिजिटल पहचान बिंदु प्रदान किया जाता है जिससे उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड,कृषि अनुदान एवं सहायता,फसल नुकसान पर वास्तविक क्षति का लाभ, एक ही डिजिटल मंच से प्रदान की जाएगी। फार्मर रजिस्ट्री नहीं बनवाने वाले किसानों को भविष्य में किसान सम्मान निधि योजना के लाभ से वंचित किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने जिले के किसानों से अपील किया है कि इस अभियान में भाग लेकर इसे सफल बनाएं। किसान अपने पंचायत में कृषि समन्वयक/किसान सलाहकार/ राजस्व कर्मचारी से संपर्क कर सकते हैं। अपने नजदीक के CSC पर जाएं। सीएससी ऑपरेटर द्वारा किसान रजिस्ट्री कराएं।सभी सीएससी/वसुधा केंद्रों पर पंजीकरण की सुविधा निःशुल्क है। उन्होंने कहा कि सभी पंचायतों में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य मिशन मोड में किया जा रहा है। किसानों की सुविधा के लिए पुनः शिविर आयोजित किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि सीएससी/ वसुधा केन्द्रों पर भी फार्मर रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है। सभी सीएससी में किसान अपना फार्मर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। साथ ही किसान स्वयं भी ऑनलाइन पोर्टल bhfr.agristack.gov.in/farmer-registr… के माध्यम से घर बैठे फार्मर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। पूर्व में कॉमन सर्विस सेन्टर/वसुधा केन्द्रों के माध्यम से फॉर्मर रजिस्ट्री के लिए ली जाने वाली ₹15 की सेवा शुल्क राज्य सरकार के निर्देशानुसार अब नहीं ली जाएगी। किसानों के हित में इसका वहन कृषि विभाग द्वारा किया जाएगा। जिससे किसानों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। फार्मर रजिस्ट्री के लिए किसानों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। कृषि विभाग का हेल्प लाइन नंबर 18001801551 तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का हेल्पलाइन नंबर 18003456215 है। किसानों द्वारा किसी भी समस्या के समाधान के लिए उपर्युक्त हेल्पलाइन नम्बरों के साथ जिला कृषि पदाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी कृषि समन्वयक या किसान सलाहकार से संपर्क किया जा सकता है।





