किसानों के निबंधन–ई-केवाईसी में मुजफ्फरपुर का जलवा बरकरार, राज्य में लगातार फिर नंबर-1
सख्त मॉनिटरिंग, कैंप मोड और टीमवर्क का असर: हजारों किसानों को योजनाओं से जोड़ा गया

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ३१ जनवरी
किसानों के निबंधन एवं ई-केवाईसी के क्षेत्र में मुजफ्फरपुर जिले ने राज्य स्तर पर एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए लगातार पुनः पहला स्थान प्राप्त किया है। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की सख्त निगरानी, योजनाबद्ध कार्यप्रणाली एवं फील्ड स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन का ही परिणाम है कि मुजफ्फरपुर राज्य के अन्य जिलों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। आज जिले में कुल 3785 किसानों का निबंधन तथा 6168 किसानों की ई-केवाईसी की गई। निबंधन कार्य में कैंप मोड के माध्यम से 3371 किसानों का निबंधन किया गया, जबकि 53 किसानों ने ऑनलाइन माध्यम से निबंधन कराया। यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि प्रशासन द्वारा गांव-गांव, पंचायत-पंचायत लगाए जा रहे कैंप किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रहे हैं। प्रखंडवार प्रदर्शन की बात करें तो मोतीपुर प्रखंड ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं कुढ़नी प्रखंड दूसरे तथा पारु प्रखंड तीसरे स्थान पर रहा। इन प्रखंडों में अधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा विशेष प्रयास किए गए, जिससे किसानों का अधिक से अधिक निबंधन सुनिश्चित हो सका। जिले में अब तक कुल 1,59,375 किसानों का निबंधन किया जा चुका है। इनमें से 97,598 किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े हुए हैं। यह उपलब्धि किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। किसानों के हितों की सुरक्षा, संरक्षण तथा उन्हें सरकारी योजनाओं का समयबद्ध लाभ दिलाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री सेन लगातार इस अभियान की स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी नें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अंचलाधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसानों के निबंधन कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि किसानों का निबंधन रविवार को भी जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक किसान इस अभियान से जुड़ सकें। उन्होंने 2 फरवरी से 6 फरवरी तक विशेष महा-अभियान को मिशन मोड में संचालित करने का निर्देश दिया है। इस दौरान प्रत्येक अंचल में प्रतिदिन कम से कम 2000 किसानों का निबंधन सुनिश्चित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए जिलाधिकारी ने प्रखंडों के सभी वरीय पदाधिकारियों को अपने-अपने प्रखंडों में स्वयं कमान संभालने, कैंपों का निरीक्षण करने तथा कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी एवं पश्चिमी को अपने-अपने क्षेत्र के अंचलों पर विशेष ध्यान देने, कम प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में सुधार लाने एवं प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि किसानों के निबंधन कार्य की प्रतिदिन शाम 5:00 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अंचलवार समीक्षा की जाएगी। इससे कार्य की प्रगति पर सतत निगरानी बनी रहेगी तथा किसी भी प्रकार की समस्या का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा। जिलाधिकारी श्री सेन ने किसानों से अपील की है कि वे अपने निकटतम वसुधा केंद्र अथवा लगाए गए कैंपों में जाकर अनिवार्य रूप से निबंधन कराएं साथ ही यह सुविधा भी उपलब्ध है कि किसान घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं। जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड मुख्यालय, पंचायत एवं गांव स्तर तक किसानों के निबंधन के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि बार-बार अपील के बावजूद यदि किसान अपना निबंधन नहीं कराते हैं तो वे सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो सकते हैं। इसलिए सभी किसानों से आग्रह है कि समय रहते निबंधन एवं ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करें। जिला जनसम्पर्क अधिकारी प्रमोद कुमार नें बताया की जिला प्रशासन की सतत एवं सुनियोजित पहल से न केवल किसानों को उनका अधिकार मिल रहा है, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से जरूरतमंद किसानों तक पहुंच रहा है। मुजफ्फरपुर का राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करना प्रशासनिक प्रतिबद्धता एवं टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण है।





