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चिकित्सक समाज में मानवता, सेवा और स्वास्थ्य की रक्षा के प्रमुख स्तंभ- प्रो.दिनेश चंद्र राय, कुलपति

एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडिया (API) का 81वां वार्षिक सम्मेलन सह एपीआईकॉन 2026 का दीक्षांत समारोह आयोजित

ध्रुव कुमार सिंह, पटना/मुजफ्फरपुर, बिहार, ३१ जनवरी

सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर, पटना  में आयोजित एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडिया (API) के  81वें वार्षिक सम्मेलन में भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) के कुलपति प्रो.दिनेश चंद्र राय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्टेथोस्कोप का जिक्र करते हुए कहा कि चिकित्सक समाज में मानवता, सेवा और स्वास्थ्य की रक्षा के प्रमुख स्तंभ हैं। एपीआईकॉन 2026 के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि प्रो.राय नें चिकित्सकों की भूमिका को कई स्तरों पर रेखांकित करते हुए कहा की चिकित्सक (Physicians) न केवल रोगों का इलाज करते हैं, बल्कि मानवता, नैतिकता और करुणा के साथ स्वास्थ्य सेवा प्रदान करते हैं। सम्मेलन के थीम “Medical Science and Humanity” ने इसी पर जोर दिया है। उन्होंने कहा की यह भारत के चिकित्सकों (विशेषकर इंटरनल मेडिसिन/फिजिशियन) का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित वैज्ञानिक सम्मेलन है, जिसमें लगभग 10,000 डॉक्टरों ने भाग लिया। सम्मेलन का थीम “Medical Science and Humanity” रहा, जिसमें नवीनतम चिकित्सा अनुसंधान, उपचार प्रोटोकॉल, तकनीकी नवाचार और सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दों पर 500 से अधिक प्रस्तुतियां हुईं। दीक्षांत समारोह (Convocation Ceremony) में Indian College of Physicians (ICP) की फेलोशिप (FICP) और अन्य सम्मान/अवार्ड दिए जाते हैं। यह उन चिकित्सकों के लिए होता है जो लंबे समय से उत्कृष्ट योगदान दे रहे हैं या जिन्होंने API/ICP के माध्यम से फेलोशिप प्राप्त की है। उन्होंने बताया की दीक्षांत में फेलोशिप प्राप्त करने वाले वरिष्ठ चिकित्सक नए पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बनते हैं। वे अनुसंधान, क्लिनिकल प्रैक्टिस और शिक्षण में योगदान देते हैं। उन्होंने कहा की दीक्षांत समारोह चिकित्सकों को उनकी समर्पित सेवा, वैज्ञानिक योगदान और समाज में “मानवता के संरक्षक” की भूमिका के लिए सम्मानित करता है। यह आयोजन न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि का उत्सव है, बल्कि पूरे चिकित्सा समुदाय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडिया (एपीआईकॉन 2026) के दीक्षांत समारोह में चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.दिनेश चंद्र राय ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में भी स्टेथोस्कोप रोगियों की आशा और पीड़ा के प्रति सहानुभूति का एक मूलभूत सेतु है।

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