सुरक्षित सड़क–सुरक्षित जीवन के संकल्प के साथ शहर में निकला सड़क सुरक्षा जागरूकता पैदल मार्च

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार, २८ जनवरी
सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति सजग करने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत जिला परिवहन विभाग द्वारा सीतामढ़ी शहर में सड़क सुरक्षा जागरूकता पैदल मार्च का आयोजन किया गया। मार्च के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सड़क पर की गई छोटी-सी असावधानी भी किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। इस जागरूकता पैदल मार्च को सीतामढ़ी समाहरणालय परिसर से अपर समाहर्ता (आपदा) बृजकिशोर पांडेय, जिला परिवहन पदाधिकारी प्रशांत कुमार, ट्रैफिक डीएसपी दीपक कुमार, मोटरयान निरीक्षक राजेश कुमार राय एवं जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कमल सिंह द्वारा संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। पैदल मार्च में स्काउट एवं गाइड के कैडेट, बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण तथा विभागीय पदाधिकारी सहित पैदल मार्च में कमला गर्ल्स हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक कमरूल होदा, प्रवर्तन अवर निरीक्षक श्याम सुंदर सिंह, सुमित कुमार, निशा कुमारी, अपराजिता कुमारी, चित्रकांत शामिल हुए। बच्चे सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रेरक नारों और नियमों से संबंधित तख्तियां हाथ में लेकर लोगों को जागरूक करते नजर आए। यह मार्च समाहरणालय से प्रारंभ होकर बस स्टैंड, बड़ी बाजार और शंकर चौक होते हुए हवाई अड्डा मैदान तक पहुंचा। मार्ग में आम लोगों ने रुक-रुककर मार्च को देखा और सड़क सुरक्षा के संदेश को गंभीरता से ग्रहण किया। मार्च के दौरान अधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा लोगों से दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा नशे की हालत में वाहन न चलाने की अपील की गई। साथ ही वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग से होने वाले खतरों की भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर अपर समाहर्ता श्री पांडेय ने कहा कि सड़क सुरक्षा माह का उद्देश्य केवल नियमों की जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों की सोच और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है। यदि प्रत्येक व्यक्ति सड़क पर अपनी जिम्मेदारी समझे और नियमों का पालन करे, तो अधिकांश दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। सुरक्षित सड़कें समाज की सामूहिक जिम्मेदारी हैं। जिला परिवहन पदाधिकारी श्री कुमार ने कहा कि सड़क हादसों का प्रमुख कारण यातायात नियमों की अनदेखी है। यदि चालक नियमों को बाध्यता नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारी समझकर अपनाएं, तो जान-माल की क्षति में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। अपर जिला परिवहन पदाधिकारी उपेंद्र राव एवं मोटरयान निरीक्षक श्री राय ने ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग तथा नशे की अवस्था में वाहन चलाने से होने वाले गंभीर खतरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान जिले में लगातार जागरूकता अभियान, वाहन जांच एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।





