धान अधिप्राप्ति से किसानों को मिला न्यूनतम समर्थन मूल्य का भरोसा, आय और भुगतान में रिकॉर्ड वृद्धि, मुजफ्फरपुर में धान अधिप्राप्ति व्यवस्था बनी किसानों का मजबूत संबल, पारदर्शी खरीद से बढ़ा विश्वास
सरकारी धान अधिप्राप्ति से किसानों को आर्थिक सुरक्षा और स्थिर आय, जिले में सहभागिता में उल्लेखनीय वृद्धि

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ०९ जनवरी
किसानों की आय को सुनिश्चित करने, उन्हें बाजार की अनिश्चितताओं से बचाने तथा कृषि को लाभकारी और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा संचालित धान अधिप्राप्ति व्यवस्था जिले में किसानों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है। इस व्यवस्था के माध्यम से किसानों को न केवल उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो रहा है, बल्कि उन्हें दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा और स्थिर आय का भरोसा भी मिल रहा है। जिला प्रशासन के सतत प्रयासों के कारण धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध और किसान–हितैषी सिद्ध हो रहा है। जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में खरीफ विपणन मौसम 2025–26 के तहत धान अधिप्राप्ति एवं भुगतान की अद्यतन स्थिति की प्रखंडवार गहन समीक्षा सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी से की गई। बैठक में उप-विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम, अपर समाहर्ता (राजस्व) प्रशांत कुमार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी संजीव कुमार सिंह, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला प्रबंधक राज्य खाद्य निगम सहित सभी प्रखंडों के सहकारिता प्रसार पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे। समीक्षा बैठक में अधिप्राप्ति की प्रगति, किसानों की भागीदारी, भुगतान की स्थिति तथा क्रय केंद्रों पर व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई और आवश्यक निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जिले के 305 समितियों में अब तक 5,330 किसानों से 36,159 मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की जा चुकी है। इनमें से 4,689 किसानों को भुगतान किया जा चुका है। समीक्षा के दौरान पाया गया कि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष अब तक धान अधिप्राप्ति में लगभग 6.76 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, अधिप्राप्ति प्रक्रिया में भाग लेने वाले किसानों की संख्या में 31.02 प्रतिशत तथा किसानों को किए गए भुगतान में 34.31 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ये आंकड़े जिले में धान अधिप्राप्ति व्यवस्था की बढ़ती स्वीकार्यता और प्रभावशीलता को दर्शाता हैं। जिला पदाधिकारी ने सभी सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में भ्रमणशील रहकर अधिक से अधिक किसानों से धान की अधिप्राप्ति सुनिश्चित करें, विशेषकर उन किसानों से जिनके पास अभी भी धान उपलब्ध है, साथ ही, यह भी स्पष्ट निर्देश दिया गया कि सरकार द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर किसानों को भुगतान हर हाल में सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों का भरोसा और मजबूत हो। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिला सहकारिता पदाधिकारी एवं सभी प्रखंडों के सहकारिता पदाधिकारी पूरी सक्रियता, तत्परता एवं जवाबदेही से किसानों से धान की खरीदारी करें तथा उन्हें समयबद्ध तरीके से भुगतान भी सुनिश्चित करें ताकि उन्हें अपनी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य प्राप्त हो तथा बाजार में उन्हें धान की बिक्री नहीं करना पड़े। इसके लिए सरकारी क्रय केंद्रों पर सीधे खरीद की व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा बिचौलियों पर पैनी नजर रखे। इससे किसान को उनकी उपज का पूरा और वाजिब मूल्य प्राप्त होगा। यह व्यवस्था किसानों के हितों की रक्षा के साथ-साथ कृषि अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ करेगी। जिलाधिकारी ने किसानों से न केवल धान की खरीदारी करने बल्कि ससमय भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजने को कहा ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। यह योजना विशेष रूप से छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए अत्यधिक लाभकारी सिद्ध हो रहा है। सरकार द्वारा निर्धारित क्रय केंद्रों पर माप–तौल, गुणवत्ता जांच और भंडारण की सुव्यवस्थित व्यवस्था होने से किसानों को फसल बेचने में सुविधा मिल रहा है साथ ही, दूर-दराज के बाजारों में परिवहन और भंडारण की अतिरिक्त चिंता एवं खर्च से भी उन्हें राहत मिल रहा है। जिलाधिकारी श्री सेन ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे धान अधिप्राप्ति का अधिकतम लाभ उठाने के लिए समय पर किसान निबंधन एवं ई-केवाईसी की प्रक्रिया अवश्य पूर्ण करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि निर्धारित क्रय केंद्रों पर पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से धान की खरीदारी की जा रही है तथा भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जा रहा है। किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत की स्थिति में किसान संबंधित प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी अथवा जिला सहकारिता पदाधिकारी से संपर्क कर त्वरित समाधान प्राप्त कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि धान अधिप्राप्ति योजना न केवल उचित मूल्य का माध्यम है, बल्कि यह किसानों को स्थिर आय, आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने वाली एक सशक्त पहल है। जिला जनसम्पर्क अधिकारी प्रमोद कुमार नें बताया की धान अधिप्राप्ति व्यवस्था किसानों को उचित मूल्य, आर्थिक सुरक्षा और सरकारी संरक्षण प्रदान कर रही है। यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा जिले की कृषि व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रभावी कदम है।





